सिविल सर्जन डॉ दीपक जायसवाल को हटाने आंदोलन हुआ तेज:- नर्सिंग स्टाफ से दुर्व्यवहार का आरोप, स्वास्थ्य कर्मी आंदोलन पर
जांजगीर-चांपा जिले में स्वास्थ्य विभाग में बढ़ते असंतोष ने अब आंदोलन का रूप ले लिया है। सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल को हटाने की मांग को लेकर आज जिले भर के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय स्थित कर्मचारी भवन में आयोजित इस प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर मोर्चा संभाला।
जांजगीर जिला अस्पताल में 5 मार्च से सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। आरोप है कि उन्होंने स्टाफ नर्सों के साथ दुर्व्यवहार किया और मनमानी रवैया अपनाया। इस मामले में शासन स्तर तक जांच हो चुकी है, लेकिन अब तक सिविल सर्जन को नहीं हटाया गया है। इसी के विरोध में आज करीब 700 डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे और धरना प्रदर्शन में शामिल हुए।
डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के विरोध के बाद अब आंदोलन को संगठित रूप दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के उप प्रांतीय अध्यक्ष रविंद्र तिवारी ने घोषणा की है कि अगर 15 अप्रैल तक सिविल सर्जन को नहीं हटाया गया तो बिलासपुर में संभाग स्तरीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन होगा।
जिला अस्पताल में सिविल सर्जन के खिलाफ गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। आंदोलन का दायरा जिला स्तर से बढ़कर राज्य स्तर तक पहुंचने की संभावना है। सभी संगठन स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा सकती हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ सकता है।



