चांपा नगर पालिका के वार्ड 21 में कचरा उठाने पर वसूली, न देने पर कचरा डालने पर रोक
जांजगीर-चांपा, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत चांपा नगर पालिका द्वारा वार्ड क्रमांक 21 में घर-घर से कचरा संग्रहण के लिए ई-रिक्शा प्रदान कर महिलाओं की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस योजना का उद्देश्य शहर को स्वच्छ बनाए रखना और नियमित कचरा निपटान सुनिश्चित करना था। लेकिन अब इस व्यवस्था में अनियमितता और मनमानी की शिकायतें सामने आने लगी हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कचरा एकत्र करने वाली महिला टीम प्रत्येक घर से कचरा डालने के एवज में 20 रुपये प्रति बाल्टी की मांग करती है। यदि पैसे नहीं दिए जाएं तो वे कचरा डालने से मना कर देती हैं। महिलाओं का तर्क है कि वे यह रकम “चाय-पानी” के लिए मांगती हैं।
इस मनमानी से मोहल्ले के लोग परेशान हैं और यह स्थिति स्वच्छता अभियान की मूल भावना के खिलाफ मानी जा रही है। कई नागरिकों ने यह भी बताया कि नियमित शुल्क की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
स्थानीय प्रशासन से मांग:
निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि यह सेवा मुफ्त है तो वसूली पर रोक लगनी चाहिए और यदि कोई निर्धारित शुल्क है, तो उसकी सार्वजनिक सूचना दी जाए।



