उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की जीत के साथ कई सवाल खड़े हुए हैं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया था कि उनके पास 315 सांसदों का समर्थन है, लेकिन जब नतीजे आए तो खेल हो गया. पता चला कि क्रॉस वोटिंग हुई है. क्योंकि इंडिया अलायंस के कैंडिडेट बी सुदर्शन रेड्डी को फर्स्ट प्रिफरेंस के सिर्फ 300 वोट मिले, जबकि एनडीए के कैंडिडेट सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले. इसलिए सेकेंड प्रिफरेंस के वोटों की गिनती की जरूरत ही नहीं पड़ी. अब सबसे बड़ा सवाल कि वो 15 सांसद कौन थे, जिन्होंने एनडीए के कैंडिडेट को वोट किया? कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कुछ इशारा दिया है.
तारिक अनवर ने कहा, चुनाव नतीजों की समीक्षा की जाएगी. देखेंगे कि गलती कहां हुई और क्रॉस वोटिंग किस स्तर पर हुई. हमें पता था कि नंबर हमारे पक्ष में नहीं थे, फिर भी उम्मीद थी कि सांसद अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर विपक्ष के उम्मीदवार के पक्ष में वोटिंग करेंगे. ऐसा लगता है कि साउथ इंडिया से हमें जो समर्थन मिलने की उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हुई. कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, दुर्भाग्य से 15 वोट खारिज हुए और विपक्ष को 300 वोट मिले. फिर भी विपक्ष एकजुट रहा.
कौन नहीं आया साथ
अनवर के बयानों से संकेत मिलता है कि साउथ इंडिया के दल उनके साथ नहीं आए. शायद इंडिया ब्लॉक के नेताओं को लग रहा था कि बी सुदर्शन रेड्डी साउथ से आते हैं और इसकी वजह से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल जैसे राज्यों से सांसद उन्हें सपोर्ट करेंगे. उन्हें 320 से ज्यादा सांसदों के समर्थन का भरोसा था. लेकिन वाईएसआरसीपी ने पहले ही एनडीए के कैंडिडेट को समर्थन का ऐलान कर दिया था. तेलंगाना से बीआरएस ने चुनाव से ही दूरी बना ली थी. ऐसे में इंडिया ब्लॉक को ज्यादा वोट नहीं मिल पाया.
अनवर के बयानों से संकेत मिलता है कि साउथ इंडिया के दल उनके साथ नहीं आए. शायद इंडिया ब्लॉक के नेताओं को लग रहा था कि बी सुदर्शन रेड्डी साउथ से आते हैं और इसकी वजह से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल जैसे राज्यों से सांसद उन्हें सपोर्ट करेंगे. उन्हें 320 से ज्यादा सांसदों के समर्थन का भरोसा था. लेकिन वाईएसआरसीपी ने पहले ही एनडीए के कैंडिडेट को समर्थन का ऐलान कर दिया था. तेलंगाना से बीआरएस ने चुनाव से ही दूरी बना ली थी. ऐसे में इंडिया ब्लॉक को ज्यादा वोट नहीं मिल पाया.
वोटों का गणित समझिए
767 कुल वोट पड़े
752 वैलिड पाए गए
15 वोट निरस्त कर दिए गए
377 जीतने के लिए चाहिए था
452 वोट सीपी राधाकृष्णन को मिले
300 वोट बी सुदर्शन रेड्डी को मिले
767 कुल वोट पड़े
752 वैलिड पाए गए
15 वोट निरस्त कर दिए गए
377 जीतने के लिए चाहिए था
452 वोट सीपी राधाकृष्णन को मिले
300 वोट बी सुदर्शन रेड्डी को मिले
तो 15 वोट वही थे, जो अमान्य हुए?
बीजेपी सांसद डॉ. भागवत कराड ने कहा, वास्तव में, इंडी ब्लॉक को कम वोट मिले हैं, क्योंकि 14 लोगों ने क्रॉस वोटिंग की, और 14 अन्य वोट जो रद्द किए गए, वे भी इंडी ब्लॉक की तरफ से थे… लेकिन क्या ऐसा हुआ? जब इस पर सवाल किया गया तो विपक्ष के एक सीनियर लीडर ने कहा, अमान्य वोट का मतलब क्रॉस वोटिंग नहीं होता. उन्होंने कहा कि जिन 15 वोटों को अमान्य घोषित किया गया, वे सभी विपक्षी सांसदों के ही थे, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि उन्होंने विरोधी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया. नेता ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भरोसा जताते हुए कहा कि हर वोट को नियमों के तहत जांचा गया और जो मतपत्र सही नहीं पाए गए, उन्हें अमान्य कर दिया गया.
बीजेपी सांसद डॉ. भागवत कराड ने कहा, वास्तव में, इंडी ब्लॉक को कम वोट मिले हैं, क्योंकि 14 लोगों ने क्रॉस वोटिंग की, और 14 अन्य वोट जो रद्द किए गए, वे भी इंडी ब्लॉक की तरफ से थे… लेकिन क्या ऐसा हुआ? जब इस पर सवाल किया गया तो विपक्ष के एक सीनियर लीडर ने कहा, अमान्य वोट का मतलब क्रॉस वोटिंग नहीं होता. उन्होंने कहा कि जिन 15 वोटों को अमान्य घोषित किया गया, वे सभी विपक्षी सांसदों के ही थे, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि उन्होंने विरोधी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया. नेता ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भरोसा जताते हुए कहा कि हर वोट को नियमों के तहत जांचा गया और जो मतपत्र सही नहीं पाए गए, उन्हें अमान्य कर दिया गया.



