पालक खाते समय की ये 3 गलती तो सीधे पहुंचेंगे अस्पताल, डॉ डिंपल जांगड़ा ने बताया किडनी डैमेज का खतरा
हरी पत्तेदार सब्जियां सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है. पालक ऐसी ही एक सब्जी है. इसमें आयरन से लेकर कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर के अच्छी तरह से फंक्शन करने के लिए जरूरी है. आमतौर पर घरों में पालक का सेवन सुखी या ग्रेवी वाले सब्जी के रूप में किया जाता रहा है. आलू और पनीर के साथ पालक की जोड़ी खूब पसंद की जाती है. लेकिन वक्त के साथ अब इसके सेवन का तरीक भी बदल गया है. अब हेल्दी डाइट के नाम पर इसका जूस, स्मूदी और सलाद भी बनाया जा रहा है. लेकिन ऐसा करके ज्यादा पोषण के बदले लोग अपनी सेहत को रिस्क में डाल रहे हैं.
गट हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर डिंपल जांगड़ा ने अपने हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में पालक खाने से जुड़ी गलतियों और इसके सेवन के सही तरीकों के बारे में बताया है. यदि आप भी रोजाना अपनी डाइट में पालक शामिल करते हैं, तो यहां इसे खाने के सही तरीकों को जान लें, वरना एक छोटी सी गलती से आप अस्पताल भी पहुंच सकते हैं.
पहली गलती- पालक का जूस पीना
एक्सपर्ट बताती हैं कि कच्चे पालक में बहुत ज्यादा मात्रा में ऑक्सलेट मौजूद होता है, जो शरीर में मौजूद कैल्शियम से जुड़कर गुर्दे की पथरी का कारण बन सकता है. हम ऐसे कई मरीजों को जानते हैं जिन्हें 7 से 14 दिनों तक पालक का रस पीने के बाद इमरजेंसी वार्ड में एडमिट होना पड़ा. पालक का सेवन करने का सबसे अच्छा तरीका है इसे गर्म पानी में उबालकर सूप बनाना. इससे आपको ऑक्सलेट के बिना भी लगभग 80 से 90% पोषक तत्व मिल जाते हैं, क्योंकि शोध से पता चलता है कि पालक को गर्म पानी में उबालने से ऑक्सलेट का स्तर काफी कम हो जाता है.
एक्सपर्ट बताती हैं कि कच्चे पालक में बहुत ज्यादा मात्रा में ऑक्सलेट मौजूद होता है, जो शरीर में मौजूद कैल्शियम से जुड़कर गुर्दे की पथरी का कारण बन सकता है. हम ऐसे कई मरीजों को जानते हैं जिन्हें 7 से 14 दिनों तक पालक का रस पीने के बाद इमरजेंसी वार्ड में एडमिट होना पड़ा. पालक का सेवन करने का सबसे अच्छा तरीका है इसे गर्म पानी में उबालकर सूप बनाना. इससे आपको ऑक्सलेट के बिना भी लगभग 80 से 90% पोषक तत्व मिल जाते हैं, क्योंकि शोध से पता चलता है कि पालक को गर्म पानी में उबालने से ऑक्सलेट का स्तर काफी कम हो जाता है.
दूसरी गलती- फलों और डेयरी के साथ पालक की स्मूदी बनाना
फल और डेयरी कैल्शियम के बेहतरीन सोर्स माने जाते हैं, जो पालक में पाए जाने वाले ऑक्सालेट के साथ मिलकर किडनी को डैमेज कर सकते हैं. इतना ही नहीं, आयुर्वेद में इसे विरुद्ध आहार माना जाता है. सब्जियों को डेयरी उत्पादों के साथ मिलाने से पाचन में देरी, अपचित भोजन का जमाव, अमा, विषाक्त पदार्थ, पेट फूलना, गैस और पेट में गैस जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.
फल और डेयरी कैल्शियम के बेहतरीन सोर्स माने जाते हैं, जो पालक में पाए जाने वाले ऑक्सालेट के साथ मिलकर किडनी को डैमेज कर सकते हैं. इतना ही नहीं, आयुर्वेद में इसे विरुद्ध आहार माना जाता है. सब्जियों को डेयरी उत्पादों के साथ मिलाने से पाचन में देरी, अपचित भोजन का जमाव, अमा, विषाक्त पदार्थ, पेट फूलना, गैस और पेट में गैस जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.
तीसरी गलती- सलाद में पालक को कच्चा खाना
आपको लगता है कि इससे आपका वजन कम हो जाएगा, लेकिन असल में आप खुद को कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया के संपर्क में ला रहे हैं. एक्सपर्ट बताती हैं कि पालक और अन्य पत्तेदार सब्जियों की खुरदरी सतह टेपवर्म के अंडों और ई. कोलाई, स्टैफिलोकोकस, स्यूडोमोनास, एयरोमोनास और कई अन्य बैक्टीरिया के लार्वा के पनपने के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करती है. याद रखें, ये पत्तेदार सब्जियां इन बैक्टीरिया का घर और पोषण भी होती हैं और ये बैक्टीरिया धोने की प्रक्रिया में भी जीवित रहते हैं. पालक को धोना ही काफी नहीं है. इसे हमेशा गर्म पानी में उबाल कर ही खाएं.
आपको लगता है कि इससे आपका वजन कम हो जाएगा, लेकिन असल में आप खुद को कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया के संपर्क में ला रहे हैं. एक्सपर्ट बताती हैं कि पालक और अन्य पत्तेदार सब्जियों की खुरदरी सतह टेपवर्म के अंडों और ई. कोलाई, स्टैफिलोकोकस, स्यूडोमोनास, एयरोमोनास और कई अन्य बैक्टीरिया के लार्वा के पनपने के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करती है. याद रखें, ये पत्तेदार सब्जियां इन बैक्टीरिया का घर और पोषण भी होती हैं और ये बैक्टीरिया धोने की प्रक्रिया में भी जीवित रहते हैं. पालक को धोना ही काफी नहीं है. इसे हमेशा गर्म पानी में उबाल कर ही खाएं.



