गलत जानकारी देकर नौकरी कर रहे वाहन चालकों की कलेक्टर से शिकायत, पद से हटाने की मांग
जांजगीर-चांपा, 10 अप्रैल।
जिला कलेक्टर कार्यालय में गलत जानकारी देकर सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला उजागर हुआ है। इस संबंध में हृदयनारायण सोनी, निवासी जांजगीर ने दो वाहन चालकों के विरुद्ध जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
कौन है कर्मचारी?
शिकायत में जिन दो कर्मचारियों पर आरोप लगाया गया है, वे हैं:
1. मोतीलाल कश्यप, पिता – रामधन कश्यप
2. प्रेमसुख लहरे, पिता – मोहनलाल लहरे
दोनों वर्ष 2019 से वाहन चालक के पद पर पदस्थ हैं। आरोप है कि इन्होंने भर्ती प्रक्रिया के दौरान अपनी संतान की वास्तविक संख्या छुपाकर विभाग को गुमराह किया।
मोतीलाल कश्यप के 3 जीवित संतान (1 पुत्र और 2 पुत्रियाँ) हैं, पर आवेदन में केवल 2 संतान बताया गया।
प्रेमसुख लहरे के 4 जीवित संतान (2 पुत्र और 2 पुत्रियाँ) हैं, लेकिन उन्होंने भी केवल 2 संतान दर्शाया।
शासकीय भूमि पर अवैध कब्ज़ा और लाभ लेने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रेमसुख लहरे एवं उनकी पत्नी रामशिला बाई ने शासकीय भूमि पर घर बनाकर किराए पर दे रखा है। आरोप है कि यह परिवार विभाग से मिलने वाली किराया राशि का भी अनुचित लाभ उठा रहा है।
फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से नियुक्ति का आरोप
शिकायतकर्ता का दावा है कि दोनों कर्मचारियों ने नौकरी पाने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था।
प्रेमसुख लहरे ने वर्ष 2007 से फरवरी 2019 तक प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रावास जांजगीर में दैनिक वेतन भोगी के रूप में काम किया था, जिसकी भी जांच की मांग की गई है।
पहले भी की जा चुकी है शिकायत
हृदयनारायण सोनी ने बताया कि इस मामले में 8 मार्च 2018 को भी शिकायत की गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने जिला कलेक्टर कार्यालय के जनदर्शन में दोबारा आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।



