जांजगीर चांपा में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, राइस मिल को लेकर बढ़ा तनाव, किसानों की हुई फसल बर्बाद
जांजगीर चांपा: देवरहा गांव मे एक निर्माणाधीन राइस मील के कारण गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है. गांव से पानी निकासी के स्थान को राइस मील के मालिक द्वारा डस्ट डाल कर रोक दिया गया है. गांव वालों का आरोप है कि पानी निकासी का रास्ता रोके जाने से 20 से ज्यादा किसानों की फसल खराब हो गई. खेतों में लगी धान की फसल पानी में डूब गई. कई खेतों में लगी फसल ज्यादा पानी की वजह से सड़ रही है.
नाराज ग्रामीणों के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर तहसीलदार और जिला प्रशासन के अधिकारी पहुंचे. जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन वो अपनी मांगों पर अड़े हैं. किसानों का कहना है कि नुकसान हुए फसल की भरपाई की जानी चाहिए. किसानों के प्रदर्शन को स्थानीय विधायक ब्यास कश्यप ने भी समर्थन दिया है. विधायक ने कहा कि जिन ग्रामीणों की फसल खराब हुई उनको हर हाल में मुआवजा दिया जाना चाहिए. विधायक ब्यास कश्यप ने कहा कि राइस मिल संचालक और स्थानीय जिला प्रशासन ग्रामीणों की मांग सुनने के लिए तैयार ही नहीं है.
देवरहा गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि मिल संचालक ने पहले तो गांव वालों को बहलाया फुसलाया. उनसे कहा कि वो अपनी जमीन दें दें वो यहां पर कॉलेज बनाएगा जिससे गांव के लोगों को अच्छी शिक्षा मिलेगी. गांव वालों ने गांव की भलाई को ध्यान में रखकर अपनी जमीन उसे बेच दी. गांव वालों का आरोप है कि जमीन लेने के बाद वहां पर राइस मिल बनाना शुरु कर दिया गया. बारिश का पानी जहां जमा होता था और जहां से निकलता था उस रास्ते को मिल मालिक ने बंद करा दिया. पानी निकासी बंद होने से पानी खेतों में भरने लगा. गांव वालों का कहना है कि पानी निकासी के लिए वो 3 महीने पहले कलेक्टर और विधायक से भी मिले. गांव वालों का आरोप है कि पानी निकासी का रास्ता निकाले जाने के बजाए वहां से मुख्यमंत्री सड़क योजना की सड़क खोद दी गई. इस बात से नाराज होकर अब ग्रामीण आंदोलन पर उतर आए हैं. ग्रामीण चाहते हैं कि जो नुकसान उनकी फसलों को हुआ है उसका उचित मुआवजा दिया जाए.



