इस तारीख से शुरू हो रहा है मलमास, भूलकर भी न करें ये काम, वरना नहीं मिलेगा शुभ फल
मलमास को भगवान विष्णु को महीना माना जाता है, इसलिए इस माह को पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में मलमास के दौरान स्नान-दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व बताया गया है। इस माह में किए गए दान-पुण्य से व्यक्ति को पुण्यकारी लाभ मिलता है। हालांकि मलमास में मांगलिक कार्य पूरी तरह वर्जित होता है। आपको बता दें कि इस साल मलमास का महीना 17 मई से आरंभ हो रहा है और समाप्त 15 जून को होगा। तो आइए जानते हैं कि मलमास के दौरान किन गलतियों को करने से बचना चाहिए।
मलमास में गलती से भी न करें ये काम
- मलमास के दौरान विवाह, सगाई, जनेऊ संस्कार, नामकरण और मुंडन जैसे शुभ कार्य करने की पूरी तरह से मनाही होती है।
- मलमास में कोई भी शुभ या नए कार्य को आरंभ नहीं करना चाहिए। ऐसे ही मलमास के दौरान किसी भी तरह का व्रत शुरू नहीं करें और नहीं न व्रत का उद्यापन करें। वरना आपको पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा।
- अगर आप नया घर खरीदने की सोच रहे हैं तो मलमास से पहले या फिर बाद में खरीदें। साथ ही घर की नींव भी इस माह में नहीं रखना चाहिए। मलमास के दौरान नए घर में प्रवेश या गृह प्रवेश भी न करें।
- मलमास में नया कारोबार भी शुरू नहीं करना चाहिए। वरना आपको आगे चलकर आर्थिक नुकसान हो सकता है।
- इसके अलावा मलमास में किसी भी तरह के निवेश करने से भी बचें।
- मलमास के दौरान तुलसी की पूजा काफी फलदायी मानी जाती है। भगवान नारायण को तुलसी अति प्रिय है, इसलिए मलमास के दौरान तुलसी से जुड़ी गलतियां भूलकर भी न करें।
- मलमास में तामसिक चीजों से दूर बना कर रखना चाहिए। मलमास के दौरान लहसुन, प्याज, मांस, मछली, शराब समेत किसी भी तरह के नशीली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
मलमास में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए क्या करें
- मलमास के स्वामी भगवान विष्णु हैं। ऐसे में इस पूरे महीने में श्रीमद्भागवत गीता और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
- मलमास के दौरान ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।
- मलमास के महीने में किया गया दान अन्य महीनों की तुलना में 10 गुना अधिक फल देता है। गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, धन और वस्त्र का दान करें।
- मलमास के पूरे महीने में सात्विक आहार का ही सेवन करें। किसी भी व्यक्ति के लिए अपने मन में कोई भी गलत विचार न लाएं।



