सुहागिन महिलाओं में दिखा वट सावित्री व्रत का उत्साह, बरगद वृक्ष की पूजा कर मांगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद
VAT SAVITRI: ज्येष्ठ अमावस्या के अवसर पर वट सावित्री व्रत को लेकर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही शहर के मंदिरों और वट वृक्षों के पास सुहागिन महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां महिलाओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। 16 श्रृंगार में सजी महिलाओं ने बरगद वृक्ष की परिक्रमा करते हुए व्रत कथा सुनी और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा। पूरे शहर में धार्मिक और भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
पूजा के दौरान महिलाओं ने व्रत कथा सुनी और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पूजा संपन्न की। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना का आयोजन भी किया गया, जहां महिलाओं ने भक्ति गीत और पारंपरिक लोकगीत गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। सुबह से ही पूजा स्थलों पर चहल-पहल बनी रही और पूरे शहर में धार्मिक आस्था का माहौल देखने को मिला। वट सावित्री व्रत को हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व का पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से पति की आयु लंबी होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। अंबिकापुर में इस अवसर पर पारंपरिक संस्कृति, धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कारों का सुंदर संगम देखने को मिला।
सुबह से ही विभिन्न मंदिरों और वट वृक्षों की पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया, सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा और 16 श्रृंगार के साथ बरगद वृक्ष की पूजा कर विधि-विधान से परिक्रमा की। मान्यता है कि वट सावित्री व्रत रखने से पति की आयु लंबी होती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। महिलाओं ने व्रत कथा सुनकर अपने परिवार की खुशहाली और अखंड सौभाग्य की कामना की।शहर के कई मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा। पूजा स्थलों पर महिलाओं की भीड़ और पारंपरिक रीति-रिवाजों ने अंबिकापुर की सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था को जीवंत कर दिया।



