राशन वितरण की मांग को लेकर नेताओं और ग्रामीणों ने खाद्य अधिकारी के चेम्बर में दिया धरना
कोरबा। सोमवार को कलेक्ट में अपने शिकायत लेकर पहुंचे आमजनों के भोजन के अधिकार की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास सिंह, जनपद सदस्य अनिल खुटे, सरपंच जजमान, पार्षद विनोद उर्रे, हेमंत शाहनी, कमल किशोर चंद्रा, बबलू मारवा और खगेश बरेठ के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण खाद्य अधिकारी के कार्यालय पहुंचे। अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर सभी ने सीधे खाद्य अधिकारी के चेम्बर में ही धरना दे दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले तीन महीनों का राशन विभाग की लापरवाही के कारण लोगों को नहीं मिल पाया है। गरीब परिवारों को इस कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार विभाग को ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसी को लेकर आज प्रतिनिधिमंडल अधिकारी से मिलने पहुंचा था, लेकिन कार्यालय में अधिकारी मौजूद नहीं थे। इससे नाराज होकर नेताओं और ग्रामीणों ने अधिकारी के चेम्बर में ही बैठकर धरना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि जब तक लंबित राशन वितरित करने का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण हितग्राहियों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है, पहले भी ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन विभाग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। इस बार मजबूर होकर उन्हें कार्यालय में बैठना पड़ा।
धरने के दौरान नेताओं ने कहा कि राशन गरीबों का मौलिक अधिकार है और इसे समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द वितरण नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इससे पहले भी संबंधित विभाग के अधिकारी को अपनी समस्या रखी गई थी लेकिन उसने जल्द ही मांगे पूरी करने और वितरण करने की बात कह कर आश्वासन दिया था लेकिन अब तक पूरा नहीं हुआ।
मधुसूदन ने बताया कि केवल यह समस्या ग्रामीण क्षेत्र में नहीं बल्कि शहरी क्षेत्र में भी है पूरे जिले में यह स्थिति निर्मित है राशन को लेकर लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन संबंधित विभाग गम्भीर फिर क्यों नहीं है यह समझ से पर है।
फिलहाल अधिकारी के कार्यालय में धरना जारी है और ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। इस घटनाक्रम के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले के समाधान की चर्चा तेज हो गई है।



