डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 2 आरोपी गिरफ्तार, 23 लाख की ठगी का मामला
रायगढ़ जिले में पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए अंतरराष्ट्रीय गिरोह के दो आरोपियों को बैंगलूरू से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई, जिसमें पुसौर थाना क्षेत्र के एक रिटायर्ड शिक्षक से 23 लाख 28 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया था।
पीड़ित गरुण सिंह पटेल (72 वर्ष) को आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर डराया और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। उन्होंने जांच के नाम पर पीड़ित से 25 से 29 अक्टूबर 2025 के बीच अलग-अलग किस्तों में करीब 23 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। बाद में लगातार धमकी मिलने पर पीड़ित ने अपने बेटे को जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की लोकेशन बैंगलूरू में ट्रेस की और विशेष टीम भेजकर विग्नेश पी (29 वर्ष) और स्टीफन थॉमस (54 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि यह गिरोह दुबई में बैठे मास्टरमाइंड फिरोज खान उर्फ डॉम्निक के इशारे पर काम करता है, जो डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लोन ऐप और क्रिप्टो निवेश जैसे तरीकों से ठगी करता था।
पुलिस ने आरोपियों के खातों में जमा 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होल्ड कराई है और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी कमीशन के आधार पर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करते थे।
फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी फिरोज खान की तलाश जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल या सरकारी अधिकारी बनकर दी गई धमकी से सतर्क रहें और अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।



