छत्तीसगढ़ महतारी के अपमान पर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का उग्र विरोध, दीपका थाना में ज्ञापन सौंपा, दोषियों पर तत्काल FIR दर्ज करने की मांग
कोरबा। 7 नवंबर को छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और मातृभावना का अपमान करने वालों के ख़िलाफ़ जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने सशक्त विरोध दर्ज कराते हुए दीपका थाना पहुँचकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा दोनों संगठनों ने सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वाले दोषियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने की माँग की है ।
रायगढ़ निवासी आशीष अग्रवाल उर्फ जिमी अग्रवाल, दीपक लालवानी, विनोद पांडा और राजेश उदासी के विरुद्ध सौंपा गया है, जिन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छत्तीसगढ़ महतारी और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारियों के प्रति अभद्र, आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियाँ की हैं ।
इन विद्वेषपूर्ण बयानों से न केवल प्रदेश के तीन करोड़ छत्तीसगढ़ियों की भावनाएँ आहत हुई हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक सौहार्द्रता और शांति को भी गंभीर ठेस पहुँची है संगठनों ने इसे प्रदेश के माहौल को खराब करने की साज़िश करार दिया है ।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कोरबा जिला अध्यक्ष जैनेंद्र कुर्रे, दीपका खंड महासचिव महावीर यादव, और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिला अध्यक्ष सुरजीत सोनी ने संयुक्त रूप से अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा:
“छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ हम संविधान और कानून के दायरे में रहकर सख्त और निर्णायक कार्रवाई की मांग करते हैं ।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि
“आशीष अग्रवाल, दीपक लालवानी, विनोद पांडा और राजेश उदासी जैसे लोग छत्तीसगढ़ के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने का दुस्साहस कर रहे हैं इनके शब्द किसी व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ समाज की गरिमा और छत्तीसगढ़ महतारी की मर्यादा पर सीधा प्रहार हैं हम प्रशासन से माँग करते हैं कि इन पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उदाहरण स्वरूप दंडित करे, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति छत्तीसगढ़ियों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ न कर सके ।
इस अवसर पर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सैकड़ों कार्यकर्ताओं (सेनानियों) ने दीपका थाना के समक्ष उग्र प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया और आरोपियों पर अविलंब प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की माँग को दोहराया ।
छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान की रक्षा हर छत्तीसगढ़िया का सर्वोच्च कर्तव्य है जो कोई भी हमारी संस्कृति, मातृभूमि और अस्मिता का अपमान करेगा, उसके विरुद्ध यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता ।



