नेपाल में हुई हिंसा कैसे बनी भारत के लिए बड़ा खतरा? मंगाई गई फरार कैदियों की लिस्ट
नेपाल में फैली हिंसा का असर भारत की सरहद तक आ पहुंचा है. सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है. कल नेपाल की एक जेल से कई कैदी फरार हो गए थे, जिनमें से पांच को बीएसएफ ने यूपी के सिद्धार्थनगर बॉर्डर से पकड़ लिया. ये कैदी अब SSB और स्थानीय पुलिस की कड़ी पूछताछ में हैं. सवाल ये है कि नेपाल में बढ़ती हिंसा और कैदियों का फरार होना आखिर क्यों भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है? वहां से फरार कैदी भारत में अपराध फैला सकते हैं. उपद्रव हो सकता है. अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ा जा सकता है. हिंसा के बीच सीमा पर तस्करी और अवैध गतिविधियां बढ़ सकती हैं. नेपाल में अस्थिरता से भारत-नेपाल रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं. इन सबका असर नेपाल बॉर्डर से सटे इलाकों पर पड़ सकता है.
नेपाल में जारी हिंसा के बाद SSB ने पूरे भारत-नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी कर दिया है. भारत-नेपाल सीमा करीब 1,751 किलोमीटर लंबी है और इसमें बिना पासपोर्ट-वीजा के आवाजाही की अनुमति है. यही वजह है कि अपराधी, उपद्रवी या हिंसक तत्व आसानी से भारत में घुस सकते हैं. पिछले 48 घंटे से SSB ने लगातार गश्त तेज कर दी है और नेपाल की सुरक्षा एजेंसी आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के साथ सीधा संपर्क बनाए हुए है.
फ्लैग मार्च और कड़ी निगरानी
सिर्फ सीमा पर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. यूपी के महराजगंज और लखीमपुर, बिहार के सीतामढ़ी, सुपौल और रक्सौल जैसे ज़िलों में SSB और राज्य पुलिस ने फ्लैग मार्च किया. बॉर्डर के 26 ट्रेड रूट, 11 बॉर्डर चेक पोस्ट और 6 इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट पर चौकसी और कड़ी कर दी गई है. SSB ने साफ निर्देश दिया है कि अफवाह न फैलने दें और हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखें.
फरार कैदी और भारत की चिंता
नेपाल की जेलों से भागे कैदियों की लिस्ट भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने नेपाल से मंगाई है. एजेंसियों का मानना है कि अगर ये अराजक तत्व भारत में घुस आए, तो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं. इसी वजह से खुफिया विभाग इनकी मूवमेंट पर लगातार नजर रख रहा है.
क्यों है भारत के लिए चिंता?
नेपाल में चल रही हिंसा की आड़ में उपद्रवी भारत के सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ कर सकते हैं. केंद्रीय एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि ऐसे तत्व भारत में उपद्रव कर सकते हैं, पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं और कानून व्यवस्था को बिगाड़ सकते हैं. यही कारण है कि बॉर्डर से सटे राज्यों में पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
भारत-नेपाल रिश्तों की संवेदनशीलता
भारत और नेपाल सिर्फ पड़ोसी नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्तों से जुड़े हुए हैं. दोनों देशों के बीच खुली सीमा की वजह से लोग बिना वीज़ा के आते-जाते हैं. लेकिन यही सुविधा कभी-कभी सुरक्षा के लिहाज़ से चुनौती भी बन जाती है. नेपाल में हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर भारत पर पड़ सकता है.
SSB का बड़ा सुरक्षा प्लान
भारत-नेपाल सीमा पर तैनात SSB ने खास चेकिंग अभियान चलाया है ताकि कोई भी संदिग्ध भारत की सीमा में प्रवेश न कर सके. नेपाल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने साझा प्लान तैयार किया है, जिसमें खास तौर पर सीमावर्ती इलाकों को सुरक्षित करने पर ज़ोर दिया गया है.



