नेपाल में हालात बेकाबू, संसद में घुसे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने की फायरिंग, 12 लोगों की मौत, 200 से ज्यादा घायल
नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया (फेसबुक-X-यूट्यूब) बैन के खिलाफ जेन-जी पीढ़ी (18 से 30 साल के युवा) का आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया है। प्रदर्शनकारी इतिहास में पहली बार नेपाल की संसद की सुरक्षा में बड़ी सेंधमारी करते हुए अंदर दाखिल हो गए। इसे देखते हुए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार की। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए नेपाली पुलिस ने फायरिंग कर दी, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा 200 से ज्यादा युवा घायल भी हुए हैं।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, 12 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। इन्होंने संसद के गेट नंबर 1 और 2 पर कब्जा कर लिया है। संसद भवन, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, पीएम आवास के पास के इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है।
हालात बेकाबू होता देख राजधानी काठमांडू के कई इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आवास के आसपास आर्मी तैनात की गई है, ताकि प्रदर्शनकारी इनके आवास में ना घुसे। 10 से 15 हजार प्रदर्शनकारी संसद भवन के नजदीक मौजूद हैं। सेंट्रल सेक्रेरेटेरियट के पास भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। काठमांडू के मुख्य जिला अधिकारी ने कहा कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो सुरक्षाबलों को सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए रबर की गोलियां चलाने की अनुमति दी गई है।
प्रधानमंत्री ओली ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने युवाओं के डेलिगेशन के बातचीत के लिए बुलाया है। ओली कैबिनेट ने आज शाम 6 बजे कैबिनेट की इमरजेंसी बैठक बुलाई है। इसमें निर्णायक फैसला लिया जा सकता है। हिंसा के बाद सरकार पर फैसला वापस लेने का दबाव है। नेपाल सरकार के खेल मंत्री संतोष पांडे ने कहा कि सरकार युवाओं की मांगों पर विचार करेगी।
क्यों प्रदर्शन कर रहे यूथ
बता दें कि दरअसल नेपाल सरकार ने उन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बैन कर दिया है, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन के लिए दी गई सात दिन की समयसीमा का पालन नहीं किया है। इसे लेकर नेपाल के विभिन्न शहरों में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार के खिलाफ Gen-Z रिवोल्यूशन शुरू हुआ है। प्रदर्शनकारी सरकार की ओर से सोशल मीडिया पर बैन लगाए जाने की वजह से भड़के हुए है। इस दौरान भ्रष्टाचार भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

8 सितंबर (सोमवार) को हजारों की संख्या में जेन-जी पीढ़ी राजधानी काठमांडू में सड़कों पर उतर आए। में Gen-Z लड़के और लड़कियां सड़कों पर उतर आए हैं और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारी संसद भवन में घुए गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। युवाओं का कहना है कि सरकार ने लोगों की आवाजों को दबाने के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने जैसा कदम उठाया है।



