सेवा सहकारी समिति कड़ारी में फर्जीवाड़ा!
पूर्व प्रभारी प्रबंधक और ऑपरेटर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, जन्मतिथि से लेकर जमीन-ऋण तक गड़बड़ी का खुलासा
जांजगीर जिले की सेवा सहकारी समिति कड़ारी में फर्जीवाड़े का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। संस्था के पूर्व प्रभारी प्रबंधक धनीराम समीर और कंप्यूटर ऑपरेटर पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं।कड़ारी निवासी एवं वर्तमान सोसाइटी अध्यक्ष हीरासाय साहू का कहना है कि उन्होंने पहली शिकायत 11 दिसंबर 2024 को की थी। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इस शिकायत की जांच बिना उनकी जानकारी के लगभग पाँच महीने बाद 2 मई 2025 को पूरी कर ली गई। शिकायतकर्ता ने इस जांच को संदेहास्पद बताते हुए असंतोष जताया और कलेक्टर जनदर्शन में दोबारा शिकायत दर्ज कराई। अब इस मामले में कल 28 अगस्त 2025 को जांजगीर में जांच कार्यवाही तय की गई है।आरोप सिर्फ भ्रष्टाचार तक ही सीमित नहीं हैं। धनीराम समीर के दस्तावेजों में जन्मतिथि में भारी विरोधाभास सामने आया है।दाखिल-खारिज अभिलेख में जन्मतिथि 09 नवंबर 1964 दर्ज है, जबकि आधार कार्ड में 09 नवंबर 1974 और कर्मचारी सूची में 01 अप्रैल 1974 लिखा हुआ है। आरोप है कि नौकरी पाने के लिए जन्मतिथि में हेरफेर किया गया।
इतना ही नहीं, जमीन और धान खरीदी में भी गड़बड़ी के आरोप लगे हैं।
शिकायतकर्ता ने सबूतों के साथ यह दावा किया है कि धनीराम समीर और ऑपरेटर ने मिलकर दूसरों की जमीन के खसरा नंबर का उपयोग अपने चहेतों के नाम पर धान खरीदी में किया। यहां तक कि ऑपरेटर के पिता के नाम पर भी किसी और की जमीन का खसरा नंबर इस्तेमाल किया गया।
उधर, अब एक नया मामला बाराद्वार थाना में दर्ज हुआ है।
दर्री बंजर निवासी दिलेश्वर बरेठ ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसके नाम पर फर्जी तरीके से 74,700 रुपये का ऋण चढ़ा दिया गया। आरोप है कि धनीराम समीर ने उसकी ऋण पुस्तिकाएं अपने पास रख लीं और रकम हड़प ली। लंबे समय से पैसे लौटाने का वादा करने के बाद भी जब रकम नहीं दी गई, तब पीड़ित ने थाने का रुख किया।लगातार सामने आ रहे इन गंभीर आरोपों से सेवा सहकारी समिति कड़ारी में फैले भ्रष्टाचार का चेहरा उजागर हो रहा है। वही इस मामले में 28 अगस्त को जांच जांजगीर में किया जाएगा।




