मौहाडीह से कोनियापाठ तक रास्ता नहीं, ग्रामीणों ने ज़मीन दिलाने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
00 रास्ते के अभाव में बच्चों की शिक्षा और बुजुर्गों की दैनिक जरूरतें बुरी तरह प्रभावित
जांजगीर-चांपा।
जिले के बम्हनीडीह विकास खंड के ग्राम पंचायत मौहाडीह से आरक्षित ग्राम कोनियापाठ तक सड़क मार्ग नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्राम मौहाडीह के सरपंच और स्वच्छता समिति अध्यक्ष सहित ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए स्थायी समाधान की मांग की है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम कोनियापाठ के निवासियों को पंचायत भवन, राशन दुकान और स्कूल जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए मौहाडीह आना पड़ता है। लेकिन पक्के रास्ते के अभाव में बच्चों की शिक्षा और बुजुर्गों की दैनिक जरूरतें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ विद्यार्थियों ने तो खराब रास्ते और लंबी दूरी के चलते पढ़ाई ही छोड़ दी है।
मौहाडीह और कोनियापाठ के बीच की भूमि स्व. जंगीलाल उर्फ़ जैतू पिता स्व. सालिक राम खैरवार को सरकारी भूमिदान के रूप में मिली थी। लेकिन यह ज़मीन लगभग 40-50 वर्षों से अनुपयोगी और बंजर पड़ी है, जिस पर वर्तमान में भी कोई फसल नहीं ली जा रही। ग्रामवासियों ने मांग की है कि इसी भूमिदान क्षेत्र से 5–6 डिसमिल भूमि रास्ते के लिए आवंटित की जाए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित परिवार इस भूमि को किसी भी हाल में न देने की जिद पर अड़ा हुआ है, जबकि उन्होंने भूमि का एक हिस्सा बेच दिया है और आरक्षित भूमि पर अवैध कब्जा भी कर रखा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द इस मार्ग की व्यवस्था कराई जाए।



