जांजगीर-चांपा में तीन दर्दनाक हादसे: सांप के डसने, डूबने और ट्रेन की चपेट में आने से दो की मौत, एक बच्ची गंभीर घायल
जांजगीर-चांपा। जिले में शनिवार और रविवार को तीन अलग-अलग स्थानों पर हुई घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इन हादसों में एक 3 वर्षीय मासूम बच्ची की सांप के डसने से, एक 17 वर्षीय किशोर की तालाब में डूबने से मौत हो गई, वहीं रेलवे ट्रैक पार कर रही 11 वर्षीय बच्ची ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। घटनाओं की भयावहता और सरकारी व्यवस्था की लापरवाही भी सामने आई है।

1. सांप के डसने से 3 साल की बच्ची की मौत — समय पर इलाज न मिलना पड़ा भारी
घटना स्थल: रोहदा गांव, बम्हनीडीह ब्लॉक
शनिवार रात 3 वर्षीय काव्या सोनवानी को घर में जमीन पर सोते समय करैत प्रजाति के जहरीले सांप ने गाल के पास डस लिया। परिजन उसे तड़के 4 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनीडीह लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बच्ची की मौत हो चुकी थी।
डॉक्टरों के मुताबिक, यदि समय पर एंटी वेनम इंजेक्शन मिल जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। परिजन पहले झाड़-फूंक में समय गंवाते रहे। अस्पताल के बीएमओ डॉ. अजंबर सिंह सिसोदिया ने लोगों से अपील की है कि झाड़-फूंक की बजाय समय पर इलाज कराएं, क्योंकि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं और डॉक्टर उपलब्ध हैं।

2. मिर्गी का दौरा पड़ने से तालाब में डूबा 17 वर्षीय किशोर,
घटना स्थल: ग्राम पंचायत चंदनिया, थाना अकलतरा क्षेत्र
रविवार सुबह 17 वर्षीय अर्जुन सिंह मौवार, पिता सरोज कुमार मौवार, रोज की तरह तालाब में नहाने गया था। अर्जुन को मिर्गी के दौरे पड़ते थे, और नहाने के दौरान उसे दौरा पड़ा जिससे वह तालाब में गिर गया। आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक वह पानी में डूब चुका था और उसकी सांसें थम चुकी थीं।

3. रेलवे ट्रैक पार कर रही बच्ची ट्रेन की चपेट में, 2 साल की मासूम सुरक्षित
घटना स्थल: भोजपुर फाटक, चांपा
शनिवार को 11 वर्षीय रिद्धि श्रीवास्तव, अपनी 2 वर्षीय बहन विभा को गोद में लेकर रेलवे ट्रैक पार कर रही थी। इसी दौरान दोनों दिशाओं से आती ट्रेनों को देखकर वह घबरा गई, और संतुलन खो बैठी। रिद्धि ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि विभा की जान बाल-बाल बच गई।
लोको पायलट ने मानवीय पहल दिखाते हुए ट्रेन को चांपा स्टेशन पर रोका और RPF की मदद से घायल बच्ची को BDM अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर देख उसे जिला अस्पताल होते हुए सिम्स, बिलासपुर रेफर किया गया।
हादसे के वक्त बच्चियों की मां काम पर गई हुई थी। सरकारी एंबुलेंस की अनुपलब्धता के कारण परिजन निजी एंबुलेंस के सहारे उसे बिलासपुर ले जाने को मजबूर हुए।



