तिरुपति देवस्थानम के महाप्रसाद में कौन मिला रहा था जहर, खुला 5 साल का काला राज
विश्व प्रसिद्ध तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के लड्डू प्रसाद में मिलावट का मामला अब मंदिर प्रशासन के सबसे अंदरूनी दायरे तक पहुंच चुका है. अब विशेष जांच दल (SIT) ने गुरुवार को टीटीडी के ही वरिष्ठ अधिकारी RSSVR सुब्रमण्यम को गिरफ्तार कर लिया.
बता दे, सुब्रमण्यम 2019 से 2024 तक तिरुपति में महाप्रबंधक (खरीद) थे और इसी अवधि में घी, काजू, इलायची जैसी सामग्रियों की सैकड़ों करोड़ रुपये की खरीदारी उनके जिम्मे थी. यह गिरफ्तारी इस बात का साफ संकेत है कि लड्डू घोटाला सिर्फ बाहर के सप्लायर्स तक सीमित नहीं था, बल्कि टीटीडी के अंदर भी गहरी सांठ-गांठ थी.
क्या था पूरा मामला
दरअसल, हुआ यूं था कि सितंबर 2024 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में खुलासा किया था कि वाईएसआरसीपी शासनकाल (2019-2024) में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को चढ़ने वाले लड्डू में शुद्ध देसी घी की जगह सस्ता पाम ऑयल, मछली का तेल और यहां तक कि बीफ टैलो (पशुओं की चर्बी) तक मिलाया गया. लैब रिपोर्ट्स ने इन आरोपों की पुष्टि की तो पूरे देश में भक्तों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया.
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने CBI जांच के आदेश दिए. विशेष जांच दल (SIT) ने जांच शुरू की तो एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हुए. अब तक SIT ने इस मामले में 29 आरोपियों के नाम लिए हैं. इनमें लगभग 10 डेयरी मालिक और प्रतिनिधि शामिल हैं.
वरिष्ठ अधिकारी सीधे तौर पर गिरफ्तार
सुब्रमण्यम की गिरफ्तारी के साथ पहली बार टीटीडी का कोई वरिष्ठ अधिकारी सीधे तौर पर हिरासत में लिया गया है. जांच अधिकारियों का मानना है कि बिना अंदर के अधिकारियों की मिलीभगत के इतने बड़े स्तर पर मिलावट संभव नहीं थी.



