ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देंगी: हार के बाद BJP और EC पर फूटा ‘दीदी’ का गुस्सा, कहा- कल जो हुआ वो बंगाल का काला इतिहास
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी बल्कि ‘हराई गई’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने पूरे चुनाव में पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाई और इस पूरे घटनाक्रम में ‘मुख्य विलेन’ की तरह काम किया। उन्होंने कहा कि मैं हारी नहीं हूं और इस्तीफा नहीं दूंगी।
मीडिया से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसे चुनाव कभी नहीं देखे। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR (Special Intensive Revision) के नाम पर करीब 90 लाख वोट काटे गए और बीजेपी ने चुनाव जीतने के लिए हर तरह के संसाधनों का इस्तेमाल किया।
इस्तीफे के लिए लोकभवन जाने के सवाल पर ममता बनर्जी ने आगे कहा कि मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी। मैं हारी नहीं हूं, हमें साजिश करके हाराया गया है। उन्होंने कहा कि मेरे पास अब कोई कुर्सी नहीं है और मैं एक आम नागरिक हूं।
CRPF का गलत इस्तेमाल हुआ
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों, खासकर CRPF का दुरुपयोग किया गया और राज्य के पुलिस अधिकारियों को बड़े पैमाने पर बदला गया। बनर्जी के मुताबिक, ”केंद्रीय बल गुंडों की तरह तैनात थे और कई जगहों पर मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया गया।”
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों पर अत्याचार किए गए। यहां तक कि कुछ जगहों पर बुजुर्गों को पानी तक पीने नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि काउंटिंग सेंटरों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मारपीट की और TMC कार्यकर्ताओं को धमकाया।
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि जब वह खुद काउंटिंग सेंटर के अंदर जाना चाहती थीं तो उन्हें रोका गया जबकि वह वहां उम्मीदवार थीं। उनके अनुसार, ”काउंटिंग सेंटर को हाईजैक कर लिया गया था, CCTV कैमरे बंद कर दिए गए और पूरे काउंटिंग प्रोसेस में गड़बड़ी की गई। मेरे इलेक्शन एजेंट को मारा गया।”
मुझे मारा गया
उन्होंने अपने ऊपर हमले का भी आरोप लगाया और कहा कि उन्हें धक्का देकर बाहर निकाला गया तथा पेट और पीठ पर मारा गया। उन्होंने कहा, ”अगर एक महिला उम्मीदवार के साथ ऐसा हो सकता है, तो बाकी उम्मीदवारों के साथ क्या हुआ होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।”
ममता बनर्जी ने पूरे घटनाक्रम को ‘लोकतंत्र की निर्मम हत्या’ बताते हुए कहा कि कल जो हुआ, वह बंगाल के इतिहास का काला दिन है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC भवन पर कब्जा करने की कोशिश भी की गई और राज्यभर में अराजकता का माहौल बनाया गया।
अंत में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अभी भी सिस्टम के भीतर रहकर लड़ाई लड़ेगी और सही समय पर अपनी रणनीति का खुलासा करेगी। उन्होंने दोहराया, ”हम बीजेपी के खिलाफ लड़ते रहेंगे।”
ममता बनर्जी ने कहा कि हम वापसी करेंगे। टीएमसी एक लोकतांत्रिक पार्टी है।
‘अब मैं एक आम नागरिक हूं’
बनर्जी ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर उनकी पार्टी को हराने की कोशिश की। साथ ही उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन के नेता- सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन और अरविंद केजरीवाल ने उनसे बात की और समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन और मजबूत होगा और वे मिलकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही हार के कारणों की समीक्षा के लिए 10 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
उन्होंने कहा, ”अखिलेश यादव ने मुझसे अनुरोध किया था कि क्या वह आज ही आ सकते हैं? लेकिन मैंने उनसे कहा कि वे कल आएं, इसलिए वह कल आएंगे। एक-एक करके सभी लोग आएंगे। मेरा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है- मैं एक छोटे कार्यकर्ता की तरह INDIA गठबंधन को मजबूत करूंगी।
ममता ने कहा कि मेरे पास अब कोई पद नहीं है। इसलिए मैं एक आम नागरिक हूं। अब आप यह नहीं कह सकते कि मैं किसी पद का इस्तेमाल कर रही हूं। अब मैं एक ‘फ्री बर्ड’ हूं। मैंने अपनी पूरी जिंदगी लोगों की सेवा में लगा दी है। इन 15 सालों में मैंने एक पैसा भी पेंशन नहीं ली और ना ही कोई वेतन लिया। लेकिन अब मैं स्वतंत्र हूं। इसलिए मुझे कुछ काम करने हैं जिन्हें मैं अपने तरीके से आगे बढ़ाऊंगी।



