ड्रीम11, रम्मी, लूडो जैसे गेम से रकम जीती तो ITR भरना होगा
केंद्र सरकार ने ऑनलाइन मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाते हुए ‘ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक 2025’ संसद से पारित करा लिया है। इसी के साथ अब ऐसे मनी गेम्स पर सख्ती बढ़ेगी और उनसे हुई कमाई या नुकसान को आयकर रिटर्न (ITR) में दिखाना जरूरी हो गया है।
इस श्रेणी में भरनी होगी गेमिंग से हुई कमाई
ऑनलाइन गेम से हुई आय को आईटीआर में ‘अन्य स्रोतों से हुई आय’ के तहत दिखाना होता है। ये वही श्रेणी है, जिसमें लॉटरी, गिफ्ट या ब्याज जैसी कमाई आती है। गेमिंग से हुई कमाई भी अब इसी में गिनी जाएगी। वित्त वर्ष 2025 के लिए, ऑनलाइन गेमिंग से होने वाली आय पर धारा 115बीबीजे और 194बीए के तहत 30% कर लगाया जाएगा। घाटे को आय में समायोजित किया जा सकता है।
फॉर्म 26एएस में टीडीएस कटौती दिखेगी
अगर किसी व्यक्ति के गेमिंग खाते से टीडीएस कटा है, तो उसका रिकॉर्ड फॉर्म 26एएस में मिलेगा। इस फॉर्म को आयकर विभाग के ट्रेस पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अलावा ये जानकारी फॉर्म-16ए के जरिए भी दिखती है। रिटर्न भरते वक्त इसे ‘शेड्यूल टीडीएस’ सेक्शन में दिखाना जरूरी है।
कितना टैक्स देना होगा?
आयकर अधिनियम की दो धाराएं इस पर लागू होती हैं:
– धारा 115बीबीजे : पिछले वित्त वर्ष कुल जीती गई रकम पर सीधा 30% कर लगेगा
– धारा 194बीए: गेमिंग खाते में जो कुल लाभ दर्ज होता है, उस पर टीडीएस भी 30% की दर से कटेगा
– यानी जितना जीते, उसका 30% सरकार को देना होगा, सीधा और बिना किसी छूट के।
क्या है नियम
आयकर कानून के तहत, अगर किसी व्यक्ति की ऑनलाइन गेमिंग से आय पर टीडीएस या टीसीएस 25,000 रुपये से अधिक है तो आयकर रिटर्न दाखिल करना जरूरी है। भले ही कुल आय कम हो, फिर भी यह आय आईटीआर में दिखानी होगी। ऑनलाइन गेमिंग से होने वाली कमाई पर 30 फीसदी की दर से टैक्स लगता है।
आय छिपाने पर कानूनी कार्रवाई
अगर ऑनलाइन गेमिंग से होने वाली कमाई को आयकर रिटर्न में नहीं दिखाया जाता है, तो विभाग करदाता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है। आयकर अधिनियम की धारा 276सीसी के तहत, इस मामले में अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर आईटीआर दाखिल नहीं करता है या धारा 139(1), 142(1) या 148 के तहत भेजे गए नोटिस का जवाब नहीं देता, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, यह कार्रवाई केवल जानबूझकर चूक होने पर लागू होती है, देरी या अनजाने में हुई गलती के लिए नहीं।
अगर नुकसान हुआ तब…..
महत्वपूर्ण बात यह है कि गेमिंग से होने वाले नुकसान को ऑनलाइन गेमिंग से होने वाली आय में समायोजित किया जा सकता है। यानी गेमिंग से जितना कमाया, उसमें से नुकसान घटाया जा सकता है, लेकिन इसे सही तरीके से आईटीआर में दिखाना जरूरी है।



