एचएमएस यूनियन की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न, श्रमिकों के हितों की रक्षा हेतु एकजुट हुए मजदूर
अकलतरा। छत्तीसगढ़ पावर मजदूर संघ (एचएमएस यूनियन) की एक महत्वपूर्ण बैठक 24 जनवरी को हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष एच.एस. मिश्रा के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। बैठक में भारी संख्या में श्रमिकों ने उपस्थिति दर्ज कर एकजुटता का परिचय दिया।
बैठक का मुख्य एजेंडा JSW महानदी पावर कंपनी लिमिटेड, नरियरा के नियमित एवं ठेका कर्मियों के वेतन समझौते, हितलाभों तथा सामाजिक सुरक्षा को लेकर रणनीति बनाना रहा।
महामंत्री बलराम गोस्वामी ने अपने संबोधन में कहा कि “कारखाना श्रमिकों की मेहनत और पसीने से चलता है। अतः प्रबंधन और यूनियन दोनों का यह उत्तरदायित्व है कि कारखाने का संचालन निर्बाध और निर्विवाद रूप से हो।”
उन्होंने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का समाधान केवल एकता से संभव है। “हमारी एकता ही हमारी शक्ति है। यूनियन को मजबूत करने के लिए 100% सदस्यता सुनिश्चित करनी होगी और हर परिस्थिति में श्रमिकों के साथ खड़ा रहना होगा।”
बलराम गोस्वामी ने आगे कहा कि श्रमिकों की नौकरी की सुरक्षा, वेतन वृद्धि, पदोन्नति, ग्रुप इंश्योरेंस और सामाजिक सुरक्षा यूनियन की शीर्ष प्राथमिकताएँ हैं। उन्होंने कहा कि “जब तक श्रमिक तन-मन-धन से यूनियन का साथ नहीं देंगे, तब तक उनके हितों की रक्षा प्रभावी ढंग से नहीं हो पाएगी।”
ठेका कंपनियों की मनमानी पर चिंता
बलराम गोस्वामी ने आरोप लगाया कि वर्तमान में ठेका कंपनियाँ मनमानी कर रही हैं और यूनियन के संवाद प्रयासों की अनदेखी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदार पुराने कर्मचारियों को हटाकर नए श्रमिकों की भर्ती कर रहे हैं, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो यूनियन संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत विशेष फोरम में शिकायत दर्ज करेगी और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
एकता से ही संगठन की मजबूती
बैठक को कार्यवाहक अध्यक्ष शेरसिंह राय ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संगठन विगत 11 वर्षों से श्रमिकों के हितों की रक्षा में कार्यरत है और श्रमिकों का अभूतपूर्व सहयोग इस यात्रा की सबसे बड़ी ताकत है।
वहीं श्रमिक नेता दाऊ लाल लहरें ने कहा कि अपने अधिकारों और जायज मांगों को प्रभावी ढंग से रखने के लिए संगठन को मजबूत बनाना आवश्यक है।
बैठक को सफल बनाने में विजय निर्मलकर, सतीश बर्मन, महेंद्र निर्मलकर, अविनाश महिपाल, दुर्गेश यादव, नंद कुमार निर्मलकर, अशोक राठौर, रामकृष्ण धीवर, गजेन्द्र पुरी, मुकेश दुबे, मूलचंद नोरगे, अमित कुर्रे, रोहित साहू, तिरीथ राम गोंड, रामकृष्ण साहू, राजकुमार निर्मलकर, शिव गोंड, दिलेश भारते, विजय कर्ष, राजेश राठौर, विनय मरावी, नंदलाल, माखन साहू सहित अन्य श्रमिकों का विशेष योगदान रहा।



