अमित बघेल को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत, कोर्ट ने रखी एक शर्त, देशभर के 14 थानों में दर्ज हुआ था केस
बिलासपुर: जोहार छत्तीसगढ़िया पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल को बड़ी राहत मिली है। जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया है। कोर्ट ने अमित बघेल के खिलाफ दर्ज 14 एफआईआर मामलों में 3 महीने की अंतरिम जमानत मंजूर की है। अमित बघेल ने अग्रवाल और सिंधी समाज को लेकर विवादित टिप्पणी की थी जिसके बाद देशभर के अलग-अलग थानों में अमित बघेल के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।
रायपुर में नहीं होगी एंट्री
हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए अमित बघेल के सामने शर्त भी रखी है। कोर्ट ने अमित बघेल को कहा कि वह अंतरिम जमानत के 3 महीने तक रायपुर जिले की सीमा में प्रवेश नहीं करेंगे। हालांकि कोर्ट ने कहा कि इस मामले की पेशी के लिए तय की गई तारीख में अमित बघेल रायपुर आ सकते हैं। इसके लिए अनुमति है।
कोर्ट ने सुनी दोनों पक्षों की दलील
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। अमित बघेल की तरफ से हर्षवर्धन परगनिहा ने पक्ष रखा। वहीं, शिकायतकर्ताओं की तरफ से सुनील ओटवानी ने अपना पक्ष रखा। जबकि राज्य की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने मामले में अपनी दलीलें रखी। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अंतरिम जमानत का फैसला दिया है।
- अमित बघेल के खिलाफ देशभर में 14 मामले दर्ज हुए थे
- रायपुर के तेलीबांधा, कोतवाली और देवेंद्र नगर थानों में केस दर्ज
- अग्रवाल और सिंधी समाज के देवताओं पर की थी टिप्पणी
- लंबी फरारी के बाद पुलिस ने अमित बघेल के किया था गिरफ्तार
क्या है पूरा मामला
दरअसल, 26 अक्टूबर को राजधानी रायपुर के VIP चौक पर लगी छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ किया गया था। जिसके बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया था। इस दौरान छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। हालांकि बाद में पुलिस ने मूर्ति तोड़ने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी मानसिक रूप से बीमार था। प्रशासन ने 27 अक्टूबर को यहां पर नई मूर्ति स्थापित करवा दी थी।
अमित बघेल ने दिया था विवादित बयान
इस पूरे मामले को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल ने विवादित बयान दिया था। अमित बघेल ने अग्रवाल और सिंधी समाज के देवताओं पर विवादित टिप्पणी की थी।



