यूजीसी के नए कानून के विरोध में सीएसए छात्रों का प्रदर्शन, काला झंडा दिखा फूंका पुतला
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र बुधवार को यूजीसी के नए कानून के विरोध में हाथों में काली पट्टी बांध काला झण्डा लेकर निकले और यूजीसी का पुतला फूंका। कर्पूरी छात्रावास से कंपनी बाग चौराहे तक पैदल मार्च निकाला और फिर पुतला को दहन किया। संयोजक आर्यन ठाकुर ने कहा कि यूजीसी जातिगत भेदभाव खत्म करने के लिए आया लेकिन अब यही यूजीसी छात्रों को जाति में बांटने का कार्य कर रहा है। छात्रनेता अभिजीत राय ने कहा कि अगर किसी के ऊपर झूठा आरोप लगाया गया और साबित होने में समय लगा या इस बीच कोई छात्र छात्रा डिप्रेशन में चला जाए, कोई गलत कदम उठा ले तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
छात्र नेता अनस शाहू ने कहा कि मैं ओबीसी समाज से आता हूं लेकिन इस काले कानून का विरोध करता हूं। ये यूजीसी हमें बांट नहीं सकती। छात्रनेता अंशुमान ने कहा कि अब लगता है कि हमारा सवर्ण होना ही गुनाह हो गया है। पूरा सीएसए यूजीसी मुर्दाबाद यूजीसी बिल बैक के नारों से गूंज उठा। छात्राएं भी इसका पुरजोर विरोध करती दिखी। छात्र जितेंद्र ने बोला कि अगर ये काला कानून वापस नहीं होता है तो हम सभी छात्र लोकसभा और विधासभा का घेराव करने पर मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। सभी छात्र व छात्राएं एक सूर में बोलें की हमारे कैंपस में जातिवाद नहीं चलेगा हम सभी समरसता के भाव से रहते हैं और एक थाली में बैठ के खाने का कार्य करते हैं। इस दौरान शिवमवेद मिश्रा, अभिषेक ठाकुर, कुशाग्र मिश्रा, विपुल द्विवेदी, अमितेश, जतिन कुमार, शुभम, प्रखर पाल, शिवम तिवारी, रुद्राक्ष, ट्विंकल कुमारी , प्रियम तिवारी, स्वर्णिम त्रिपाठी, रिद्धि शर्मा, वर्षा यादव, निधि शर्मा, आंशिक सिंह, अदिति सिंह, अलीशा चटर्जी, गौरव गौड़, आर्यन मिश्रा, निखिल सिंह, नीलेश समेत,गणेश उपाध्याय,वंश, करीब पांच सौ छात्र छात्रा उपस्थित रहें ।



