गृहग्राम पहुंचा रामनारायण बघेल का शव.. आज होगा अंतिम संस्कार, केरल में हुई थी दलित मजदूर की पीट-पीटकर हत्या..
मृतक के परिजनों के अनुसार रामनारायण बेहद गरीब थे। उनके परिवार में पत्नी ललिता और आठ व नौ साल के दो छोटे बेटे हैं। शव गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
सक्ती: केरल के पालक्काड जिले में दलित प्रवासी मजदूर की हत्या का मामला सामने आने के बाद मृतक का शव उसके गृहग्राम पहुंच गया। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के करही गांव निवासी रामनारायण बघेल (31) का शव हत्या के छह दिन बाद मंगलवार देर रात करीब 2 बजे गांव लाया गया। सुबह अंतिम दर्शन के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार रामनारायण बघेल 13 दिसंबर को रोज़गार की तलाश में केरल गए थे, जहां वे एक निर्माण स्थल पर दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। बीते दिनों पालक्काड जिले में चोरी की एक घटना के बाद स्थानीय लोग संदिग्धों की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान रामनारायण को गलती से बांग्लादेशी समझ लिया गया और भीड़ ने लाठियों से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी।इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि यह मामला गलत पहचान और भीड़ हिंसा से जुड़ा है, जिसकी जांच की जा रही है।
गाँव में शोक का माहौल
मृतक के परिजनों के अनुसार रामनारायण बेहद गरीब थे। उनके परिवार में पत्नी ललिता और आठ व नौ साल के दो छोटे बेटे हैं। शव गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।



