पिपरदा गांव के रेत घाट से अवैध उत्खनन और परिवहन: जिला प्रशासन हुआ मौन,सरकार को लाखों रुपए का राजस्व नुकसान
जांजगीर चांपा जिले के हसदेव नदी के किनारे बसे ग्राम पिपरदा से रेत का अवैध उत्खनन कर परिवहन लगातार जारी है। साथ ही जिला प्रशासन भी मौन बैठकर तमाशा देख रहा है। कार्यवाही के नाम पर केवल खाना पूर्ति बस किया जा रहा है। रोजाना लगभग 100 से 200 ट्रिप हाईवा, ट्रैक्टर से हसदेव नदी जीवन दायनी का सीना चिरकर रेत माफिया निकाल रहे है। वही अधिकारी भी महीने में केवल एक बार मुहिम चलाकर सभी रेत घटाओ पर कार्यवाही करती हैं। वाहनों को जब्त करती है मगर उस वाहन मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं करती न ही अवैध रेत खनन करा रहे माफियाओं पर, आखिर सरकार को नुकसान हो रहा है क्यों FIR नहीं होता यह बड़ा सवाल है?
यदि वाहन अवैधा गतिविधियों में पाया जाता है तो जब्त कर जिला न्यायालय पेश किया जाना चाहिए,, ताकि अधिक जुर्म हो यही नहीं जब्त वाहनों को 90 दिनों तक नहीं छोड़नी चाहिए। ताकि रेत का अवैध उत्खनन कर परिवहन कर रहे माफियाओं को शबक मिल सके।
इस मामले में चांपा SDM पवन कोसमा ने मीडिया को बताया कि लगातार कार्यवाही की जा रही है। पिछले सप्ताह पिपर्दा में भी अवैध रेत खनन ओर भंडारण पर कार्यवाही की गई है।आगे भी अवैध रेत खनन पर कार्यवाही करेंगे।



