आखिर क्यों उड़ने से रोक दिए 6 हजार हवाई जहाज? दुनियाभर में पड़े इस असर की तकनीकी वजह जानें
दुनिया की सबसे बड़ी विमान कंपनी एयरबस ने एक साथ करीब 6000 ‘A320’ के विमानों को उड़ने से रोक दिया है। यह अब तक की सबसे बड़ी ग्राउंडिंग है। वजह है एक सॉफ्टवेयर गड़बड़ी, यह दिक्कत सूरज की किरणों से हुई है और इससे विमान का कंट्रोल अपने आप गड़बड़ा जाता है। इस खबर से दुनिया भर की एयरलाइंस में हड़कंप मच गया है। दरअसल, 30 अक्टूबर को जेटब्लू कंपनी का एक विमान कैनकन से न्यूयॉर्क जा रहा था। अचानक बिना पायलट के कुछ किए विमान का नोज नीचे हो गया और तेजी से गिरने लगा। कई यात्री घायल हो गए। पायलटों ने किसी तरह फ्लोरिडा में इमरजेंसी लैंडिंग करवाई। जांच में पता चला कि विमान का एक अहम कंप्यूटर (ELAC 2) खराब हो गया था। वजह थी सूरज से आई तेज रेडिएशन।
रेडिएशन से करप्ट हुआ कंप्यूटर
फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम में ELAC-2 कंप्यूटर सूरज की तेज रेडिएशन से एक पल में करप्ट हो गया, जिससे बिना पायलट के आदेश के विमान नीचे गिरने लगा। अब 4000 विमानों में पुराना सॉफ्टवेयर वापस डाला जा रहा है, जबकि 1000 पुराने मॉडल में पूरा हार्डवेयर बदलना पड़ेगा। यह घटना बता रही है कि आज के डिजिटल विमानों, ड्रोन्स और सैटेलाइट्स को स्पेस रेडिएशन से बचाने के लिए नई शील्डिंग और ज्यादा मजबूत कोड की जरूरत है।
सूरज की किरणें कैसे बन गईं खतरा?
सूरज कभी-कभी बहुत तेज कण छोड़ता है। ये कण ऊंचाई पर उड़ते विमानों के इलेक्ट्रॉनिक सामान को नुकसान पहुंचा सकते हैं। A320 में फ्लाई-बाय-वायर तकनीक है, यानी पुराने तार-केबल की जगह कंप्यूटर से सब कंट्रोल होता है। अगर कंप्यूटर का डेटा खराब हो जाए तो विमान अपने आप गलत हरकत कर सकता है। यही इस बार हुआ।
सही करने में कितने दिन लगेंगे
लगभग 4000 नए विमानों में सिर्फ पुराना सॉफ्टवेयर डालना है। यह काम 2-3 घंटे में हो जाएगा। लेकिन करीब 1000 पुराने विमानों में पूरा हार्डवेयर बदलना पड़ेगा। इसमें हफ्तों लग सकते हैं क्योंकि पार्ट्स कम हैं और मैकेनिक भी कम हैं।
अब तक की सबसे बड़ी रिकॉल
एयरबस ने 55 साल के इतिहास में कभी इतने सारे विमान एक साथ नहीं रोके थे। दुनिया में कुल 11,300 ‘A320’ के विमान उड़ रहे हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा अब बंद हैं। कुछ दिन पहले ही A320 ने बोइंग 737 को पीछे छोड़कर सबसे ज्यादा बिकने वाला विमान बनने का रिकॉर्ड बनाया था। अब वही खुशी मातम में बदल गई।
भारत में भी इसका असर
इंडिगो और एयर इंडिया ने अपने यात्रियों को चेतावनी दी है कि देरी और रद्द होने की संभावना है। इंडिगो के ज्यादातर विमान A320 ही हैं, इसलिए यहां भी कुछ उड़ानें प्रभावित होंगी। फ्रांस की एयर फ्रांस ने 35 उड़ानें रद्द कीं। जापान की ANA ने शनिवार की 65 उड़ानें कैंसल कर दीं। जर्मनी की लुफ्थांसा, ब्रिटेन की ईजीजेट, न्यूजीलैंड की एयर न्यूजीलैंड, हर जगह कुछ न कुछ असर पड़ा है। फिर भी ब्रिटेन और कनाडा की कुछ कंपनियों ने कहा कि उनका ज्यादा नुकसान नहीं होगा।
एयरबस ने माफी मांगी
एयरबस ने माफी मांगी है और कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं। सभी एयरलाइंस दिन-रात काम कर रही हैं ताकि जल्दी से जल्दी सारे विमान फिर उड़ने लगें। लेकिन क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों से पहले सब ठीक हो पाएगा या नहीं, यह अभी कहना मुश्किल है।



