मौत से दो महीने पहले कराया 70 लाख का बीमा, कंपनी से मांगा क्लेम तो गले पड़ी आफत… हैरान रह गए नॉमिनी
कासगंज। बीमा की राशि लेने के लिए गंभीर रूप से बीमार दादा का मृत्यु से दो माह पहले सात अलग-अलग कंपनी से करीब 70 लाख का बीमा कराया। बीमा की रकम लेने के लिए हृदयाघात से मृत्यु के बाद भी सांड के हमले से दादा की मृत्य होना दर्शाया।
कंपनी के अधिकारी ने जांच की तो हकीकत सामने आ गई। बीमा कंपनी के प्रबंधक ने मृतका की बहन समेत चार लोगों पर कासगंज थाने में धोखाधड़ी का अभियोग पंजीकृत कराया है।
यह है पूरा मामला
श्री राम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड जयपुर की अलीगढ़ शाखा के प्रभारी मोहम्मद कासिम अंसारी ने दी तहरीर में लिखा कि सोनपाल पुत्र भवानीशंकर निवासी बुर्ज की सराय थाना सासनी गेट अलीगढ़ हाल निवासी गांव मामो थाना कासगंज का 24 जनवरी 2020 से 23 जनवरी 2021 तक का दुर्घटना बीमा कराया गया था।
इसमें गौरीशंकर पुत्र राजेंद्र को नामित किया गया था। 19 अगस्त 2020 को गौरी शंकर ने बीमा का क्लेम मांगा। उन्होंने सोनपाल की मृत्यु 22 मार्च 2020 को समय करीब सुबह चार बजे अपने घर के घेरे में सोते समय आवारा सौंड के हमले से होना दर्शाया।
बीमा कंपनी ने जांच की तो पता चला कि सोनपाल अपनी बहन रामवती पत्नी रोशनलाल निवासी मामो थाना कासगंज के घर पर 35 वर्ष से रह रहे थे। सोनपाल की बहन व उसके स्वजन ने सोनपाल की मृत्यु से लगभग 2 माह पूर्व सात अलग-अलग दुर्घटना बीमा अलग-अलग बीमा कंपनी के माध्यम से 16 जनवरी 2020 से 16 फरवरी 2020 के आसपास कराया था।
इस सभी पॉलिसी का क्लेम लगभग 70 लाख रुपये बनता है। इन पॉलिसी में सोनपाल की बहन रामवती पत्नी रोशनलाल, भांजा राजेन्द्र सिंह पुत्र रोशनलाल, नाती गौरी शंकर पुत्र राजेन्द्र सिंह, नाती वधु उर्मिला देवी पत्नी गौरी शंकर को नामित कराया गया।
जांच में पता चला कि सोनपाल असाध्य बीमारी से पीड़ित था। उनकी मृत्यु हृदयघात से हुई थी। बीमा का क्लेम लेने के लिए नाती और परिवार के अन्य लोगों ने सोनपाल की मृत्यु को दुर्घटना दिखाया और क्लेम लेने का प्रयास किया।
पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवेश राणा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।



