गांव के लोगों के मुताबिक, दोपहर के समय अचानक आसमान से धड़ाम की आवाज आई। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्हें लोहे जैसी बनी हुई एक मशीन जमीन पर गिरी हुई मिली। करीब से देखने पर उस पर मौसम विभाग और “साउथ अफ्रीका” जैसी लिखावट दिखाई दी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की वस्तुएं अक्सर मौसम गुब्बारा या Atmospheric Sensor का हिस्सा हो सकती हैं। ये उपकरण ऊपरी वायुमंडल में तापमान, हवा की गति, दाब और आर्द्रता मापने के लिए भेजे जाते हैं। कई बार ये गुब्बारे या यंत्र टूटकर धरती पर गिर जाते हैं।
दक्षिण अफ्रीका से मैन्युफैक्चरिंग की लिखावट से साफ है कि यह मशीन किसी अंतरराष्ट्रीय रिसर्च प्रोजेक्ट का हिस्सा हो सकती है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत डोंगरगढ़ पुलिस को सूचना दी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मशीन को कब्जे में ले लिया है और इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
फिलहाल, यह साफ नहीं हो पाया है कि यह उपकरण कहां से गिरा और किस प्रोजेक्ट से जुड़ा है, लेकिन ग्रामीणों में जिज्ञासा और दहशत दोनों का माहौल है। प्रशासन का कहना है कि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से राय लेकर ही इस रहस्यमयी मशीन की असलियत सामने आएगी।




