सदन में हंगामा:- एक्सीडेंटल सभापति कहने पर, नगर निगम की सामान्य सभा में गरमाई राजनीति,हुआ बजट पेश….
छत्तीसगढ़ के कोरबा नगर निगम के छठवें कार्यकाल की पहली सामान्य सभा में जमकर हंगामा हुआ। सभा की शुरुआत तो विधिवत तरीके से हुई, लेकिन जैसे ही भाजपा पार्षद और पूर्व सभापति अशोक चावलानी ने मौजूदा सभापति नूतन ठाकुर के लिए “एक्सीडेंटल सभापति” शब्द का उपयोग किया, विपक्षी पार्षद भड़क गए और सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया।

क्यों हुआ सदन में हंगामा, बजट पेश..
नगर निगम की सामान्य सभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। महापौर संजूदेवी राजपूत बजट का ब्रीफकेस लेकर सदन में पहुंचीं। बैठक की शुरुआत में सभापति नूतन ठाकुर ने संक्षिप्त में अपनी बात रखी, लेकिन माहौल तब गरमा गया जब भाजपा के वरिष्ठ पार्षद अशोक चावलानी ने अपने अभिभाषण के दौरान सभापति को “एक्सीडेंटल” कह दिया।
सदन में हंगामा विपक्षीय पार्षदों का कहना
यह शब्द सभापति पद की गरिमा के खिलाफ है। अशोक चावलानी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। हम इस तरह की भाषा को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

विपक्षी पार्षदों ने सदन हंगामा शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे। वे माफी की मांग पर अड़े रहे, लेकिन सत्ता पक्ष ने इसका विरोध किया। भाजपा के पार्षद नरेंद्र देवांगन और अन्य सदस्यों ने चावलानी का समर्थन किया और मेज थपथपाकर उनकी बात का स्वागत किया।
सदन में हंगामा क्या कहा गया:- अगर मुझे एक्सीडेंटल सभापति कहा गया है, तो मैं साबित करूंगी कि यह एक्सीडेंटल होना भी निगम के लिए फायदेमंद होगा।
इस मुद्दे पर सदन में काफी देर तक गतिरोध बना रहा, लेकिन बाद में इसे टालने के लिए व्यवस्था दी गई। इसके बाद सामान्य सभा की कार्यवाही आगे बढ़ी और विभिन्न एजेंडे पर चर्चा की गई। कुछ प्रस्ताव पारित किए गए, तो कुछ को निरस्त कर दिया गया।
इस सामान्य सभा के दौरान बजट भी पेश किया गया। साथ ही, एक बड़ी बात यह भी रही कि 10 साल बाद मीडिया को नगर निगम की कार्यवाही कवर करने की अनुमति दी गई। भाजपा का कहना है कि पारदर्शिता के लिए यह कदम उठाया गया है। अब देखना यह होगा कि निगम की आगे की बैठकों में यह पारदर्शिता कितनी बरकरार रहती है।



