‘वर्ल्ड कप ना खेलने से हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा’; बांग्लादेश ने ICC को दिया करारा जवाब
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने आगामी टी20 विश्व कप 2026 से हटने की संभावनाओं के बीच आईसीसी (ICC) को बेहद सख्त संदेश दिया है। बीसीबी की वित्त समिति के अध्यक्ष नजमुल हुसैन ने दावा किया है कि यदि बांग्लादेश की टीम भारत में होने वाले इस टूर्नामेंट से बाहर होती है, तो बोर्ड को किसी भी प्रकार का वित्तीय घाटा नहीं उठाना पड़ेगा। नजमुल का यह बयान तब आया है जब उन्होंने हाल ही में पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को “भारतीय एजेंट” कहकर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था, जिससे विश्व कप में टीम की भागीदारी को लेकर बहस और तेज हो गई है।
नजमुल हुसैन ने बोर्ड की आर्थिक स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके राजस्व का ढांचा पहले से ही तय है। उन्होंने बताया, “2027 तक, हमारे राजस्व पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि 2022 की आईसीसी वित्तीय बैठक में यह पहले ही तय हो चुका था।” नजमुल का मुख्य तर्क यह है कि मौजूदा सायकल के लिए आईसीसी से मिलने वाली आय निश्चित है, इसलिए इस एक टूर्नामेंट में हिस्सा न लेने से बोर्ड की बैलेंस शीट पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनके अनुसार, बोर्ड का आईसीसी से होने वाला लाभ पहले से ही सुरक्षित है।
हालांकि, नजमुल ने यह भी साफ किया कि इस फैसले का सीधा आर्थिक असर खिलाड़ियों की जेब पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को कोई नुकसान नहीं होगा (अगर हम विश्व कप में हिस्सा नहीं लेते हैं) क्योंकि नुकसान खिलाड़ियों का होगा।” उन्होंने विस्तार से बताया कि जब खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं, तो उन्हें हर मैच की फीस मिलती है। इसके अलावा, ‘मैन ऑफ द मैच’ बनने या विशेष प्रदर्शन करने पर आईसीसी के नियमों के तहत मिलने वाली राशि सीधे खिलाड़ियों को जाती है, जिससे बोर्ड का कोई लेना-देना नहीं होता। उनके शब्दों में, “चाहे बांग्लादेश यहां खेले या न खेले, बोर्ड को इससे कोई नफा-नुकसान नहीं है।”
भले ही बोर्ड वर्तमान वित्तीय घाटे से इनकार कर रहा हो, लेकिन नजमुल ने भविष्य की चुनौतियों की ओर भी इशारा किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि विश्व कप छोड़ने से भविष्य के द्विपक्षीय दौरों और फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यह एक जायज सवाल है कि क्या भविष्य में अन्य टीमें बांग्लादेश खेलने आएंगी। फिलहाल, बीसीबी का संदेश बहुत स्पष्ट है कि बोर्ड की मुख्य कमाई सुरक्षित है, लेकिन अगर टीम पीछे हटती है, तो इसका सबसे पहला और बड़ा खामियाजा ड्रेसिंग रूम यानी खिलाड़ियों को ही भुगतना पड़ेगा। अब देखना यह है कि आईसीसी इस कड़े रुख पर क्या प्रतिक्रिया देती है।



