माघ मौनी अमावस्या पर टूटा कुम्भ 2013 का रिकॉर्ड, 4.52 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी
संगम की रेती पर लगने वाला माघ मेला कुछ इस तरह प्रचारित हो रहा है कि अब यहां स्नानार्थियों के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि मौनी अमावस्या के अवसर पर रविवार रात तक चार करोड़ 52 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य स्नान किया जबकि वर्ष 2013 के महाकुम्भ (तब कुम्भ) मेले की मौनी अमावस्या पर नौ फरवरी को तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान का दावा किया गया था। मौनी के महास्नान के लिए स्नानार्थियों के आने का क्रम शनिवार रात से शुरू हुआ तो लगातार बढ़ता ही गया। शनिवार की मध्य रात्रि संगम पर घने कोहरे के बीच स्नान होता रहा, यही स्थिति रविवार की सुबह भी थी जब संगम पर घना कोहरा छाया हुआ था, श्रद्धालुओं का रेला कोहरा चीरते हुए संगम की ओर बढ़ता रहा।
नौ बजे के बाद तो हर तरफ हुजूम ही दिखाई दिया। इस बीच संगम नोज पर दबाव बढ़ने लगा तो काली पांटून पुल से श्रद्धालुओं को झूंसी की ओर मोड़ना शुरू कर दिया गया। जिससे संगम नोज को पहले खाली कराया जा सके। प्रशासनिक अफसरों ने सुबह आठ बजे ही लगभग डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का दावा कर दिया। वहीं, दोपहर 12 बजे स्नान करने वालों का आंकड़ा बढ़कर 3.15 करोड़, दिन में चार बजे 3.83 करोड़ और शाम को छह बजे 4.36 करोड़ हो गया। रात आठ बजे के बाद अंतिम तौर पर चार करोड़ 52 लाख का आंकड़ा जारी किया गया। संगम नोज पर गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, डीएम मनीष कुमार वर्मा, मेलाधिकारी ऋषिराज, मेला एसपी नीरज पांडेय व्यवस्था संभालते दिखाई दिए।
दो दिन का आंकड़ा 2019 कुम्भ से ज्यादा
स्नान के दो दिन के प्रशासन के दावों पर गौर करें तो स्नानार्थियों का आंकड़ा छह करोड़ के पार चला गया। शनिवार को प्रशासन ने शाम पांच बजे तक डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का दावा किया था जबकि रविवार को चार करोड़ 52 की संख्या बताई जा रही है। ऐसे में दो दिनों में संख्या कुम्भ 2019 के मौनी अमावस्या के स्नान के आंकड़े को भी पार कर गई। 2019 में अमावस्या के दिन पांच करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया था।
हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा तो श्रद्धालु आह्लादित
सुबह लगभग 10 बजे संगम नोज पर दृश्य एकदम अलग दिखा। संगम नोज पर एक ओर श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ स्नान कर रहे थे। संगम वाच टावर के एकदम करीब शंकराचार्य के काफिले से बहस चल रही थी और इसी बीच किले की ओर से हेलीकॉप्टर आया और आकाश से फूल बरसाने लगा। पिछले कुछ मेलों की भांति इस बार भी मौनी अमावस्या पर यह व्यवस्था प्रदेश सरकार की ओर से की गई थी। जैसे ही आकाश से फूल बरसने लगे तो किसी ने तस्वीर खींची और किसी ने जय श्रीराम का उद्घोष किया। आकाश से कई राउंड फूलों की बारिश दोपहर तक की गई।
मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया, मौनी अमावस्या का स्नान पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी अफसर व कर्मचारी पूरे दिन लगे थे। आवागमन को सुगम रखने का निर्देश दिया गया। संगम पर स्वच्छता व सुरक्षा के लिए टीम लगाई गई। करोड़ों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।
पिछले कुछ मेलों में मौनी अमावस्या की स्थिति
| स्नान वर्ष | तारीख | श्रद्धालु |
|---|---|---|
| माघ मेला 2026 | 18 जनवरी | 4.52 करोड़ |
| महाकुम्भ 2025 | 29 जनवरी | 7.64 करोड़ |
| माघ मेला 2024 | नौ फरवरी | 2.18 करोड़ |
| माघ मेला 2023 | 21 जनवरी | 2.09 करोड़ |
| माघ मेला 2022 | एक फरवरी | 1.55 करोड़ |
| माघ मेला 2021 | 11 फरवरी | 30 लाख |
| माघ मेला 2020 | 24 जनवरी | 01 करोड़ |
| कुम्भ मेला 2019 | चार फरवरी | 05 करोड़ |
मौनी अमावस्या पर ढाई लाख श्रद्धालुओं ने किया रामलला का दर्शन
अयोध्या में मौनी अमावस्या पर्व पर लगभग ढाई लाख श्रद्धालु रामलला के चौखट पर माथा टेकने पंहुचे जबकि पूरे रामधाम में पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं की संख्या आंकी गई है। अब प्रयागराज स्नान कर अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सोमवार को और अधिक होने का अनुमान है। जानकारों के मुताबिक रविवार को स्नान करने वाले श्रद्धालुओं में ज्यादा संख्या आसपास के जिलों की रही जिससे आंकड़ा पांच से छह लाख के बीच में दर्ज किया गया है। हनुमान गढ़ी प्रधान पुजारी रमेश दास ने बताया कि सुबह से देर शाम तक मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भरा रहा। जबकि दर्शन करने के बाद तत्काल सुरक्षाकर्मी भक्तों को परिसर से बाहर करते रहे। अब सोमवार को भीड़ और अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।
दो दिन में चार लाख 40 हजार श्रद्धालु राम मंदिर पंहुचे
राम जन्मभूमि परिसर के एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि मौनी अमावस्या पर्व के एक दिन पहले ही लगभग एक लाख 90 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किया था। मुख्य पर्व पर यह संख्या बढ़कर ढाई लाख पार कर गई। इसलिए दो दिनों में ही चार लाख 40 हजार से राम भक्त परिसर पंहुच चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब रविवार को भीड़ अधिक होने की संभावना है इसलिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुबह 5 बजे से की गई है।



