परमाणु बम दागने जा रहा जापान? घबराया चीन पहुंचा यूएन के पास, बोला- रोक लो वरना अनर्थ हो जाएगा
जापान क्या परमाणु बम बना रहा है? यह सवाल इसलिए क्योंकि चीन ने पहली बार आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र को इसके बारे में जानकारी दी है. साथ ही कहा है कि अगर उन्हें नहीं रोका गया तो अनर्थ हो जाएगा. चीन ने साफ कहा है कि जापान बड़ी तेजी से परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है और अगर उन्हें रोका नहीं गया तो आने वाले दिनों में वह परमाणु हथियार का टेस्ट कर सकता है.
चीनी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जारी अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि जापान ने हथियारों के ग्रेड वाले प्लूटोनियम को निकालने की क्षमता हासिल कर ली है. रिपोर्ट के अनुसार, जापान के पास आवश्यक रीप्रोसेसिंग तकनीक और सुविधाएं मौजूद हैं. चीन ने अपने दावों को साबित करने के लिए कुछ आंकड़े भी दिए हैं.
5,500 परमाणु बम बनाने लायक सामग्री जापान के पास
चीन ने कहा है कि जापान के पास सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम की जरूरतों के लिए जरूरत से कहीं अधिक प्लूटोनियम का स्टॉक है. जापानी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 के अंत तक उसके पास 44.4 टन अलग किया गया प्लूटोनियम था. चीन का दावा है कि प्लूटोनियम की यह मात्रा लगभग 5,500 परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त है.
चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, बीजिंग की ओर से यूएन को दिए गए डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि जापान कम समय में ‘न्यूक्लियर ब्रेकआउट’ हासिल करने की क्षमता रखता है. चीन ने चेतावनी दी कि अगर जापान में दक्षिणपंथी ताकतों को परमाणु हथियार रखने की अनुमति दी गई, तो यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए अनर्थकारी होगा.
UN से चीन की गुहार- ‘इसे एजेंडे में शामिल करो’
चीन ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि जापान की परमाणु हथियारों की संभावित तलाश को न्यूयॉर्क मुख्यालय में चल रहे सम्मेलन के लिए एक महत्वपूर्ण एजेंडा आइटम बनाया जाए. गौरतलब है कि चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है और मई में इसकी अध्यक्षता संभालने वाला है. चीनी विदेश मंत्रालय के हथियार नियंत्रण विभाग के प्रमुख, सन शियाओबो ने जापान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध में हारने के बावजूद जापान अपनी स्थिति को स्वीकार करने से इनकार कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जापान अपने शांतिवादी संविधान और ‘तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों’ परमाणु हथियार न रखने, न बनाने और न लाने की नीति को संशोधित करने की कोशिश कर रही है.
क्या जापान बदल रहा है अपनी सुरक्षा नीति
चीन की यह घबराहट जापान की हालिया सुरक्षा नीतियों में बदलाव के कारण भी है. जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने हाल ही में देश के तीन मुख्य सुरक्षा दस्तावेजों राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति, राष्ट्रीय रक्षा रणनीति और रक्षा निर्माण कार्यक्रम को संशोधित करने के लिए विशेषज्ञों के एक पैनल की बैठक बुलाई है.
चीन की चिंता का कारण
जापान ने जो 15 सदस्यीय पैनल बनाया है, उसमें कोजी यामाजाकी जैसे अधिकारी शामिल हैं, जिन्होंने पहले जापान के तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों को बदलने की वकालत की है. जापान अपनी लंबी दूरी की मारक क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है. चीन को डर है कि जापान अपने क्षेत्र में अपने सहयोगी (अमेरिका) द्वारा परमाणु हथियारों की तैनाती की अनुमति दे सकता है.



