UPI से होने वाली ठगी रोकें, हर परिवार के लिए ये सेफ्टी टिप्स जानना जरूरी
UPI ने डिजिटल पेमेंट की दुनिया में क्रांति लाने का काम किया है। इसने पर्स में पैसे रखने की जरूरत को भी खत्म कर दिया है। आज के समय में अगर किसी परिवार में 5 सदस्य हैं तो सभी यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। UPI की पॉपुलरिटी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यह देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी इस्तेमाल हो रहा है। इसके चलते हर महीने करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन यूपीआई के जरिये हो रहे हैं। हालांकि, यूपीआई के जरिये लेनदेन बढ़ने के साथ फर्जीवाड़ा भी बढ़ा है। फ्रॉड नए—नए तरीके का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि हर परिवार को यूपीआई के इस्तेमाल में किन सेफ्टी टूल का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।
इस तरह फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
यूपीआई से फ्रॉड रोकने का सबसे आसान तरीका यह है कि UPI अकाउंट को सेविंग्स अकाउंट से अलग कर दें। UPI से जुड़े अकाउंट में कम बैलेंस रखें। अगर आप ऐसा करेंगे तो फर्जीवाड़ा होने पर भी नुकसाान कम होगा। इतना ही नहीं, ज्यादातर बैंक आपको ऐप के अंदर ही ट्रांजैक्शन लिमिट सेट करने की सुविधा देते हैं। इसका जरूर इस्तेमाल करें।
वेरिफिकेशन की आदत डालें
UPI से तुरंत पैसे ट्रांसफर होते हैं, इसलिए Pay दबाने से पहले वेरिफिकेशन की आदत डालें। जिसे पैसे मिलते हैं उसका नाम चेक करें। QR कोड को ध्यान से स्कैन करें और स्क्रीन पर दिए गए प्रॉम्प्ट को जरूर पढ़ें। हमेशा फ्रॉड अर्जेंसी में होती है। इसलिए कोई भी मैसेज जिसमें तुरंत एक्शन लेने की बात हो, उसे सावधानी से पढ़ें। आप सावधान कर देना चाहिए। परिवार में स्कैम के अनुभव शेयर करने से दूसरों को भी अलर्ट रहने में मदद मिलती है।
अगर आपके बुज़ुर्ग माता-पिता, UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उनके लिए कम ट्रांजैक्शन लिमिट सेट करें। इस्तेमाल न होने वाले बैंकिंग ऐप्स को डिसेबल करें और उन्हें कलेक्ट रिक्वेस्ट या रिफंड मैसेज को इग्नोर करना सिखाएं। उनके UPI अकाउंट को बड़ी सेविंग्स से अलग रखने से रिस्क कम होता है।



