हवा-हवा हो जाएगा ट्रंप का टैरिफ! मोदी के 48,000 करोड़ के दिवाली गिफ्ट का मतलब समझिए
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए जीएसटी में सुधार का वादा किया था। एक महीने से भी कम समय में उन्होंने अपना वादा पूरा कर दिया। जीएसटी काउंसिल ने 8 साल पुरानी जीएसटी व्यवस्था में कई बड़े बदलावों को मंजूरी दी है। इससे बाजार में भी काफी हलचल देखी जा रही है और निवेशकों के पोर्टफोलियो बदल रहे हैं। जीएसटी दरों में बदलाव से सरकार के रेवेन्यू पर 48,000 करोड़ रुपये का असर होगा।
विश्लेषकों का कहना है कि यह खपत में तेजी लाने वाला धमाका है। इसका असर आज बाजार पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स लगभग 900 अंक चढ़ गया। निफ्टी में भी 1% की तेजी आई और यह 25,000 के स्तर को पार करने की कोशिश कर रहा है। असल में क्या बदला है और निवेशक क्यों उत्साहित हैं? सरकार ने जीएसटी स्ट्रक्चर को आसान बना दिया है। ज्यादातर चीजों पर जीएसटी घटा दिया गया है। इससे ग्राहकों को तुरंत फायदा होगा और मांग भी बढ़ सकती है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि क्रांतिकारी जीएसटी सुधार उम्मीद से बेहतर है। इससे कई सेक्टरों को फायदा होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा भारतीय ग्राहकों को होगा क्योंकि कीमतें कम होंगी। अर्थव्यवस्था में पहले से ही तेजी है, और खपत बढ़ने से यह और भी बढ़ सकती है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है क्योंकि इस सेक्टर में टैक्स में बड़ी राहत मिली है। 350सीसी से कम के दोपहिया वाहनों पर जीएसटी 28% से घटकर 18% हो गया है। छोटी कारों पर भी जीएसटी 18% हो गया है। जेफरीज का कहना है कि इससे टीवीएस और मारुति जैसी कंपनियों को फायदा होगा। एसयूवी पर टैक्स 50% से घटकर 40% रह गया है। यह महिंद्रा एंड महिंद्रा के लिए अच्छी खबर है।
ग्रामीण इलाकों पर ध्यान देने वाले सेगमेंट को भी फायदा होगा। ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी पर जीएसटी 12% से घटकर 5% हो गया है। इससे किसानों के लिए लागत कम होगी और वे इसे आसानी से खरीद पाएंगे। Emkay के विश्लेषण से पता चलता है कि इससे महिंद्रा एंड महिंद्रा और एस्कॉर्ट्स जैसी कंपनियों को फायदा होगा। रिसर्च फर्म का अनुमान है कि ऑटो सेक्टर में टैक्स में राहत से मांग में 5-10% की बढ़ोतरी हो सकती है। यही वजह है कि ऑटो स्टॉक बाजार में सबसे आगे हैं।
FMCG सेक्टर को भी उम्मीद से ज्यादा राहत मिली है। कोटक सिक्योरिटीज के SVP-फंडामेंटल रिसर्च अमित अग्रवाल ने कहा कि लगभग सभी खाद्य पदार्थों पर जीएसटी घटकर 5% रह गया है। साथ ही पर्सनल केयर कैटगरी पर भी जीएसटी 18% से घटकर 5% कर दिया गया है। जेफरीज का कहना है कि इससे कंज्यूमर स्टेपल कंपनियों को फायदा होगा। इनमें कोलगेट, ब्रिटानिया, नेस्ले, हिंदुस्तान यूनिलीवर, जीसीपीएल, मैरिको, डाबर और पतंजलि शामिल हैं। इन उत्पादों की वजह से FMCG स्टॉक में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।
सीमेंट सेक्टर को भी लंबे समय से जीएसटी में कटौती का इंतजार था। सीमेंट सेक्टर में जीएसटी 28% से घटकर 18% रह गया है। जेफरीज के मुताबिक जीएसटी रेट में 10% की कमी से वॉल्यूम बढ़ सकता है और कीमतों में बढ़ोतरी की भी गुंजाइश है। इस इंडस्ट्री में मुनाफे में बढ़ोतरी की संभावना ज्यादा है। वॉल्यूम में बढ़ोतरी और कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से सीमेंट स्टॉक में उछाल आने की उम्मीद है।
इन सुधारों से इकॉनमी को भी फायदा होगा। Elara Capital की इकनॉमिस्ट और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट गरिमा कपूर बताती हैं कि जीएसटी से मांग बढ़ने से जीडीपी में अगले 4-6 तिमाहियों में 100 से 120 बीपीएस की बढ़ोतरी होगी। इससे अमेरिका को निर्यात पर ज्यादा टैरिफ का नकारात्मक असर कम होगा। कोटक महिंद्रा AMC के एमडी नीलेश शाह ने कहा कि जीएसटी में सुधार से अमेरिका के टैरिफ के नकारात्मक असर को कम करने में मदद मिलेगी



