इंडिया गेट पर ‘लाल सलाम’ का नारा लगाने के मामले में 23 लोग गिरफ्तार, वायु प्रदूषण के खिलाफ प्रोटेस्ट में नक्सली कमांडर हिड़मा का किया था समर्थन
इंडिया गेट पर वायु प्रदूषण प्रोटेस्ट के दौरान हंगामा करने और नक्सली कमांडर माडवी हिड़मा के समर्थन में ‘लाल सलाम’ नारे लगाने के मामले दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लाल सलाम’ नारे लगाने के आरोप में 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं पॉल्यूशन प्रोटेस्ट के दौरान हंगामा मामले में 2 थानों में FIR दर्ज की गई है। आरोपियों पर BNS की धारा 223 A, 132,221, 121 A, 126 (2), 3 (5) के तहत दर्ज की गई है। सभी को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जा रहा है। बता दें कि हिडमा की हाल ही में आंध्र प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, हिंसा और अवैध विरोध के आरोप में दो अलग-अलग थानों में FIR दर्ज की गई है। कर्तव्यपथ पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में छह पुरुष प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन पर IPC की धाराएं 74, 79, 105(2), 132, 221, 223 और 6(2) के तहत कार्रवाई की गई है।
दूसरी FIR पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना में दर्ज की गई, जिसमें 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ धाराएं 223A, 132, 221, 121A, 126(2) और 3(5) लगाई गई हैं. कुल मिलाकर 23 लोगों को मामले में गिरफ्तार किया गया है।
प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन से कैसे हुआ विवाद?
विवाद तब बढ़ा जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें प्रदर्शनकारी इंडिया गेट के C-हेक्सागन क्षेत्र में बैठे दिखे। उनमें से एक प्रदर्शनकारी हाथ में माडवी हिडमा का स्केच वाला पोस्टर लिए हुए था। इस दौरान “कितने हिडमा मारोगे”, प्रदर्शनकारियों ने “माड़वी हिड़मा अमर रहे” जैसे नारे लगाए। उन्होंने पोस्टरों पर भी “माड़वी हिड़मा को लाल सलाम” जैसे नारे लिखे थे। एक प्रदर्शनकारी के पोस्टर पर लिखा था “बिरसा मुंडा से लेकर माड़वी हिड़मा तक, हमारे जंगलों और पर्यावरण का संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान भीड़ की पुलिस से हाथापाई भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मिर्च स्प्रे कर दिया, जिससे तीन-चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को दो थानों में FIR दर्ज की हैं। अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बदमाश स्टूडेंट एक्टिविस्ट फिर सड़कों पर
प्रदर्शनकारियों की नारेबाजी पर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने चिंता जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सर्दियों में दिल्ली का AQI बेशक चिंता की बात है, लेकिन यह भी सच है कि इस साल एयर क्वालिटी पिछले 10 सालों के मुकाबले काफी बेहतर रही है। इसका मुख्य कारण: केंद्र के अहम दखल के बाद पूरे उत्तर भारत में खेतों में आग लगने की घटनाएं कम हो गई हैं। फिर भी, AAP के राज वाला पंजाब सबसे बड़ा अपराधी बना हुआ है। आगे कहा कि मजे की बात यह है: पिछले दस सालों से, दिल्ली में एक अर्बन नक्सल मुख्यमंत्री था और शहर में साल दर साल दम घुटने के बावजूद, साफ हवा की मांग को लेकर कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ।
लेकिन जैसे ही BJP दिल्ली में सत्ता में आई, अचानक हमारे पास प्रदूषण के नाम पर विरोध प्रदर्शन करने वाले एक्टिविस्ट आ गएष ये विरोध प्रदर्शन साफ तौर पर एक पिछड़े कम्युनिस्ट एजेंडे से प्रेरित हैं, पर्यावरण की चिंता से नहीं। इसके चेहरे जाने-पहचाने हैं। JNU के लेफ्ट-अलाइंड यूनियनों के वही बदमाश स्टूडेंट एक्टिविस्ट हैं।
हिड़मा का 18 नवंबर को हुआ था एनकाउंटर
बता दें कि छत्तीसगढ़ और आंध्रप्रदेश के बॉर्डर पर 18 नवंबर को मुठभेड़ हुई थी। इसी दौरान हिड़मा के खात्मे का ऑपरेशन चलाया गया था, जिसके बाद दोनों तरफ से जमकर फायरिंग हुई थी। सर्चिंग के दौरान पुलिस को 6 लाशें मिली थीं, पुलिस ने खुलासा किया था कि एनकाउंटर में हिड़मा और उसकी पत्नी भी मारी गई है। हिड़मा 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का इनामी नक्सली था। इसी के समर्थन में दिल्ली में इंडिया गेट पर हुई नारेबाजी ने हर किसी को हैरान कर दिया है। हिडमा ने करीब 350 लोगों की जान ली है। इसमें ज्यादा सेना के जवान शामिल हैं।



