होर्मुज में फंसी दुनिया, इधर सोमालिया के डाकुओं ने जहाज हाईजैक किया, भारतीय समेत 10 पाकिस्तानी बने बंधक
इस्लामाबाद: जब पूरी दुनिया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव और तेल संकट से जूझ रही है, उसी बीच समुद्री डाकुओं ने भी मौका भांपकर फिर से सिर उठाना शुरू कर दिया है. सोमालिया के पास एक तेल टैंकर के हाईजैक होने की घटना सामने आई है. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, Honour 25 नाम का तेल टैंकर सोमालिया के तट से करीब 30 नॉटिकल मील दूर था, जब छह हथियारबंद हमलावरों ने बुधवार देर रात इसे अपने कब्जे में ले लिया. बाद में पांच और हथियारबंद लोग भी जहाज पर सवार हो गए.
10 पाकिस्तानी समेत भारतीय मौजूद
इस जहाज में कुल 17 क्रू मेंबर सवार हैं, जिनमें 10 पाकिस्तानी, 4 इंडोनेशियाई, 1 भारतीय, 1 श्रीलंकाई और 1 म्यांमार का नागरिक शामिल है. जहाज को अब सोमालिया के तट के पास ज़ाफ़ुन (Xaafun) और बंदर बेला के बीच लंगर डलवाया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, यह टैंकर 18,500 बैरल तेल लेकर चल रहा था और सोमालिया की राजधानी मोगादिशू की ओर जा रहा था. इससे पहले यह जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भी चक्कर लगाता देखा गया था, जहां इन दिनों अमेरिका-ईरान टकराव के चलते हालात बेहद तनावपूर्ण हैं.
अचानक क्यों बढ़ी डकैती?
यही वह बड़ा एंगल है जो इस घटना को और गंभीर बनाता है. एक तरफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही घट चुकी है और वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव है, दूसरी तरफ समुद्री डाकुओं ने इस अस्थिर माहौल का फायदा उठाकर फिर से हमले शुरू कर दिए हैं. दरअसल, तीन साल पहले तक इस इलाके में समुद्री डकैती लगभग खत्म हो चुकी थी, लेकिन अब फिर से फिशिंग ट्रॉलर और कंटेनर जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है. सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक बलों की प्राथमिकताओं में बदलाव और क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने सुरक्षा गैप पैदा कर दिया है.
इस घटना का असर स्थानीय स्तर पर भी दिख रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से जुड़े युद्ध के बाद मोगादिशू में पेट्रोल की कीमतें पहले ही तीन गुना तक बढ़ चुकी हैं. ऐसे में तेल टैंकर के हाईजैक होने से हालात और बिगड़ सकते हैं. सोमाली अधिकारियों और यूरोपियन नेवल फोर्सेस में से किसी ने भी बयान जारी नहीं किया है.
पाकिस्तान ने क्या कहा?
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के समुद्री मामलों के मंत्री जुनैद अनवर चौधरी ने इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और संबंधित एजेंसियों को रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने के निर्देश दिए हैं. मंत्रालय के मुताबिक, सभी संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में रहा जा रहा है और हालात पर नजर रखी जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने विदेश मंत्रालय को भी सक्रिय कर दिया है, ताकि कूटनीतिक स्तर पर जल्द से जल्द कार्रवाई हो सके.



