‘वह वोट डालने जरूर आएगी’, दो साल से लापता पत्नी को पति ने मतदान केंद्र पर पकड़ा
सिलीगुड़ी। बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मतदान प्रतिशत ने एक नया रिकार्ड बना दिया है। पूरे प्रदेश में औसतन 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जबकि कई जिलों में यह आंकड़ा 96% से भी ऊपर पहुंच गया। मतदान के प्रति लोगों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। प्रदेश के बाहर रहने वाले हजारों लोग भी वोट करने के लिए विशेष रूप से बंगाल पहुंचे।
इस उच्च मतदान प्रतिशत के बीच एक अनोखा और हैरान कर देने वाला मामला दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी सब-डिवीजन के अंतर्गत नक्सलबाड़ी क्षेत्र में सामने आया। घटना माटीगाड़ा- नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 25-238 की है, जहां दो साल पहले अपने पति को छोड़कर चली गई एक महिला मतदान करने पहुंची तो उसके पति ने उसे बूथ पर ही पकड़ लिया।
दो साल से लापता पत्नी और पति के बीच जबरदस्त कहासुनी
बताया जाता है कि महिला दो वर्ष पहले अपने पति को छोड़कर कहीं चली गई थी। पति ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसे कहीं का पता नहीं चला। मतदान के दिन पति को अंदेशा था कि उसकी पत्नी वोट डालने जरूर आएगी। इसलिए वह सुबह से ही बूथ नंबर 25-238 पर घात लगाकर बैठ गया।
करीब पांच घंटे के लंबे इंतजार के बाद जब महिला मतदान करने पहुंची, तो पति उस पर टूट पड़ा। उसने पत्नी को मतदान करने से रोकने की कोशिश की और दोनों के बीच जोरदार कहासुनी शुरू हो गई।
वोटर कार्ड से पहले मेरा नाम हटाए फिर करने देंगे मतदान
पति का आरोप था कि वह अपनी पत्नी को तभी मतदान करने देगा जब उसके वोटर कार्ड से पति के स्थान पर उसका नाम हटा दिया जाएगा। उसने महिला के मतदाता पहचान पत्र को भी छीन लिया।
पत्नी ने स्पष्ट कहा कि वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती। वहीं पति ने भी कहा कि वह पत्नी को अपने साथ नहीं रखना चाहता, लेकिन वह यह भी बर्दाश्त नहीं कर सकता कि उसकी पत्नी उसके नाम का इस्तेमाल करके वोट डाले।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और केंद्रीय बल के जवानों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत किया गया। केंद्रीय बल के जवान, स्थानीय पुलिस और वहां मौजूद आम लोग इस अनोखे विवाद को देखकर हैरान रह गए।
काफी मशक्कत के बाद पति को काबू में किया गया। अंत में महिला को मतदान करने की अनुमति दी गई। वोट डालने के बाद वह वहां से रवाना हो गई।



