दुर्ग पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल अकाउंट के जरिए ऑनलाइन गेमिंग में अवैध लेन-देन करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना पदमनाभपुर और मोहन नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
म्यूल अकाउंट के जरिए चल रहा था खेल
मामले की शुरुआत भिलाई निवासी अविनाश दुबे की शिकायत से हुई, जिसमें बताया गया कि आरोपी अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने पास रखकर ऑनलाइन गेमिंग के जरिए अवैध ट्रांजैक्शन कर रहे थे।
जांच में सामने आया कि आरोपी “म्यूल अकाउंट” का इस्तेमाल कर रहे थे। इसमें वे लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते अपने नियंत्रण में लेते थे और फिर उन्हीं खातों का उपयोग अवैध लेन-देन के लिए करते थे।
तकनीकी जांच से हुआ खुलासा
पुलिस ने साइबर टीम की मदद से तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की जांच की। इसके बाद म्यूल अकाउंट धारकों की पहचान कर दोनों थाना क्षेत्रों में दबिश देकर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इस तरह करते थे काम
आरोपी पैसे के लालच में लोगों से उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और दस्तावेज लेते थे। इसके बाद ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध रकम का ट्रांजैक्शन किया जाता था। यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से संचालित हो रहा था।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4), 318(4), 319(2), 111 और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की धारा 42(2), 42(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी या अन्य वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। ऑनलाइन गेमिंग या त्वरित लाभ के लालच में आकर बैंक खातों का दुरुपयोग करना दंडनीय अपराध है।



