‘हमें मरने की इजाजत दिला दीजिए’, गाजियाबाद के इन गांवों में सर्दी-जुकाम की तरह फैल रहा कैंसर, कैसे बिगड़े हालात?
गाजियाबाद. दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में स्थित ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों से निकल रहा केमिकल युक्त जहरीला पानी अब ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट बन गया है. आसपास के कई गांवों के लोग इस दूषित पानी से परेशान हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला गंदा पानी भू-जल को तेजी से दूषित कर रहा है जिसके कारण गांवों में गंभीर बीमारियां फैल रही हैं. ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र को यूपीसीडा की ओर से करीब 25 साल पहले विकसित किया गया था. वर्तमान में यहां हजारों फैक्ट्रियां संचालित हैं जिनमें सैकड़ों फैक्ट्रियों में केमिकल से जुड़ा काम होता है. इन फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया गया है. इसी प्लांट के जरिए करीब 12 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन से पानी को शकलपुरा और जावली गांव के पास नहर में छोड़ा जाता है.
ग्रामीणों का कहना है कि ट्रीटमेंट के बावजूद नहर का पानी जहरीला होता जा रहा है. इस पानी से खेती हो रही है और यही पानी धीरे-धीरे घरों तक पहुंच रहा है. हालात ऐसे हैं कि कई गांवों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. दर्जनभर से ज्यादा गांव जिनकी आबादी 50 हजार से अधिक है, इस समस्या से प्रभावित हैं.
शकलपुरा गांव के निवासी प्रवीण कुमार बताते हैं कि करीब 20 साल पहले गांव में जो पाइपलाइन डाली गई थी, उसमें अब साफ पानी की जगह फैक्ट्रियों का गंदा पानी बह रहा है. इस पानी से न केवल खेती बर्बाद हो रही है बल्कि लोगों की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ रहा है. शकलपुरा, जवाली और सिकरानी जैसे गांव नहर के आसपास होने के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. ग्रामीणों का दावा है कि जहरीले पानी के कारण कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोग मजबूरी में इसी पानी से खेती कर रहे हैं.
लोनी विधानसभा से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने माना कि फैक्ट्रियों का गंदा पानी नहरों में मिल रहा है. उन्होंने बताया कि एसटीपी प्लांट बना तो है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही और टूटी लाइनों के कारण उसे सही ढंग से नहीं चलाया जा रहा. विधायक ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और कई गांवों में कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया जाएगा.



